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ट्रेन हो या प्लेन… रुकेगा कुछ भी नहीं: 3 मई तक सिर्फ यात्रा स्थगित, आवश्यक माल ढुलाई जारी

भारतीय रेलवे द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक देश के विभिन्न हिस्सों में आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए माल और पार्सल गाड़ियों की आवाजाही बनी रहेगी। वहीं DGCA की ओर से जारी सर्कुलर में इस बात का उल्लेख है कि यह प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कार्गो संचालन और उन उड़ानों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें विशेष रूप से DGCA ने अप्रुवल दिया है।

लॉकडाउन 2 को लेकर तैयार हैं ये 9 राज्य: कुछ छूट के साथ होगा लागू, जरूरी चीज व कामगार हैं प्राथमिकता

लॉकडाउन से गरीबों की रोजी-रोटी पर आए संकट को देखते हुए मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार अब अप्रैल से जून तक का राशन भी नि:शुल्क देगी। आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए सरकार कुछ उद्योगों को काम शुरू करने की शर्तों के साथ छूट दे सकती है। दवा, खाद्य प्रसंस्करण, बेकरी, ईंट-भट्टे और निर्माण उद्योग के लिए रोडमैप तैयार किया जा चुका है।

‘क्रीमी लेयर’ और सामाजिक न्याय का अपहरण

अगर आरक्षण के प्रावधानों से पिछड़ों-दलितों-वंचितों का सशक्तीकरण होता है, तो उन लाभार्थियों की भावी पीढ़ियों को क्रीमी लेयर में शामिल करके भविष्य में आरक्षण लाभ से वंचित क्यों नहीं किया जाना चाहिए? ऐसा करने से ही आरक्षण जैसे संवैधानिक प्रावधान का लाभ त्वरित गति से नीचे तक पहुँचेगा और आरक्षण के क्षेत्र में भी 'ट्रिकल डाउन' की सैद्धान्तिकी सचमुच फलीभूत होगी।

भारत में 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, 7 बातों में PM मोदी ने माँगा देश की जनता का साथ

भारत में कोरोना से लड़ने के लिए सरकार द्वारा 1 लाख से अधिक Beds की व्यवस्था की जा चुकी है। इतना ही नहीं, 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो सिर्फ कोविड के इलाज के लिए काम कर रहे हैं।

तबलीगी जमात पर सांप्रदायिक नफरत फैला रहा मीडिया, रोक लगाएँ: SC ने कहा- प्रेस पर नहीं लगाएँगे पाबंदी

याचिकाकर्ता के वकील ने जब यह दावा किया कि मीडिया की खबरों की वजह से लोगों पर हमला हुआ है तो पीठ ने टिप्पणी की, “हम खबरों के बारे में ठोस दीर्घकालीन उपाय करना चाहते हैं। एक बार जब हम संज्ञान लेंगे तो लोग समझेंगे। यदि यह हत्या करने या बदनाम करने का मसला है तो आपको राहत के लिए कहीं और जाना होगा। लेकिन अगर यह व्यापक रिपोर्टिंग का मामला है तो प्रेस परिषद को पक्षकार बनाना होगा।”

लेफ्टिस्ट प्रोपेगेंडा वेबसाइट The Quint ने अपने 45 एम्प्लॉई को अनिश्चितकाल के लिए बिना वेतन के छुट्टी पर भेजा

The Quint ने दावा किया कि वह अपने एम्प्लॉई को अनिश्चितकाल के लिए अवैतनिक अवकाश पर भेज कर खुश नहीं है, और वह अपने इन एम्प्लॉई की हमेशा शुक्रगुजार रहेगी। The Quint के अलावा दूसरे मीडिया संगठनों से भी कोरोना वायरस के चलते फरलो और नौकरी से निकाले जाने की खबरें आ रहीं हैं

5 बच्चों की लाश पर फैलाया प्रोपेगंडा: सलीम सिद्दीकी और हंसराज मीणा समेत कई अन्य पत्रकारों के खिलाफ FIR

उत्तर प्रदेश के भदोही में 5 बच्चों की मौत की खबर को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में हंसराज मीणा, जनवाणी के पत्रकार सलीम अख्तर सिद्दीकी, IANS के संपादक व रिपोर्टर और 'बिजनेस इनसाइडर' के संपादक व रिपोर्टर के विरुद्ध भदोही पुलिस स्टेशन नें धारा 188, 505(1)(b) IPC, धारा 51,54 DM ACT के अंतर्गत एफआईआर पंजीकृत कराया गया है।

1.25 लाख लोगों को भोजन, 30000 परिवारों की मदद: दूसरे मजहबों के लिए भी फरिश्ता बन कर आया RSS

ट्रैफिक पुलिस, बेस्ट के बस कर्मचारियों और बीएमसी के कर्मचारियों के बीच 12,000 से भी अधिक मास्क और सैनिटाइजर बाँटे। काफ़ी सारे अस्पतालों के डॉक्टरों को भी भोजन मुहैया कराने का काम संघ ने किया है। रोगियों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की गई है।

हिन्दू घृणा से सने कॉन्ग्रेसी मुखपत्र नेशनल हेराल्ड ने तबलीगी जमात का बचाव करते हुए हिन्दुओं के खिलाफ कीं भौंडी टिप्पणी

माइग्रेंट्स ने कभी भी खुद को सरकारी एजेंसियों से छुपाने की कोशिश नहीं की। सच तो यह है कि वे बड़ी मुश्किल में हैं इसलिए वो हर जगह खुद से सामने आए, जिनकी सहायता में राज्य और केंद्र सभी सरकारों ने वो सभी प्रकार की सहायता उन्हें मुहैया कराई जिसकी उन्हें जरूरत थी। इस प्रकार से जमातियों को माइग्रेंट्स के साथ एक खाने में रखना बदनीयती के अलावा कुछ नहीं समझा जाना चाहिए।

जहाँ हुआ जलियाँवाला नरसंहार, 8 महीने बाद कॉन्ग्रेस ने वहीं क्यों रखा अधिवेशन: 2 फाइल, एक लेटर में छिपा है राज

भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार की होम पॉलिटिकल विभाग की फ़ाइल संख्या जनवरी 1920/77 के अनुसार कॉन्ग्रेस ने अमृतसर को अपने अधिवेशन के लिए जानबूझकर चुना, जिससे एक खास राजनैतिक मकसद को पूरा किया जा सके। दस्तावेज के अनुसार जवाहरलाल नेहरू के पिता मोतीलाल नेहरू के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस उन खूनी धब्बों से ब्रिटिश सरकार को बचाने का प्रयास कर रही थी, जिनके निशान आजतक अमृतसर में मौजूद हैं।

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