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Holi: कहीं लड्डू मार तो कहीं होली पर लड़की भागकर करती है शादी, लोग अंगारों पर चलकर मनाते हैं रंगोत्सव

ब्रज क्षेत्र में फाल्गुन माह लगते ही होली की शुरूआत हो जाती है, लेकिन इसके सबसे खास बरसाने की लड्डू मार होली और लट्ठ मार होली मानी जाती है। वृंदावन मथुरा और खासकर बरसाना में मनाई जाने वाली लट्ठ मार होली और लड्डू मार होली को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों की भीड़ एकत्र होती है।

ब्रज से नहीं, बुंदेलखंड से हुई होली की शुरुआत: अंग्रेजों के षड्यंत्र से आज नहीं मनेगी वहाँ होली!

रंगों के त्योहार होली की शुरुआत बुंदेलखंड के एरच कस्बे से हुई है, जो झाँसी जिले में पड़ता है। चौंक गए ना? दरअसल यही वो कस्बा है, जो कभी असुरराज हिरण्यकश्यप की राजधानी हुआ करता था।

सिंधिया ने कॉन्ग्रेस को कहा टाटा-बाय-बाय, 14 MLA ने भी दिया इस्तीफा: कमलनाथ सरकार का गिरना तय!

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को अपना इस्तीफ सौंपा है। उनका बीजेपी में जाने की बस औपचारिकता भर बाकी है। बहरहाल, जवाब में कॉन्ग्रेस ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी से बेदखल कर दिया है।

रतन लाल की हत्या से बस थोड़ी देर पहले का विडियो, बुरके-टोपी वालों की भीड़ ने तोड़ डाला था CCTV कैमरा

"यही वो जगह है, जहाँ हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल का बलिदान हुआ था। यही वो जगह है, जहाँ बुरका और टोपी पहने हुए हजारों की भीड़ ने दिल्ली पुलिस पर हमला किया। हमला करने से पहले CCTV कैमरा को तोड़ दिया। यहाँ तक कि इसके बाद उन्होंने जश्न भी मनाया।"

राग-विराग-वैराग की नगरी काशी: क्यों खेली जाती है महाश्मशान के चिता भस्म से होली, जोगीरा-बुढ़वा मंगल की परंपरा

सनातन में ऐसी कहानियों का बहुत गूढ़ अर्थ था। प्रतीक रूप से ऐसा माना जाता है कि प्रह्लाद का अर्थ आनन्द होता है। वैर और उत्पीड़न की प्रतीक होलिका (जलाने की लकड़ी) जलती है और प्रेम तथा उल्लास का प्रतीक प्रह्लाद (आनंद) अक्षुण्ण रहता है।

₹2 करोड़ की पेंटिंग: जानिए कैसे मिलिंद देवड़ा ने राणा और प्रियंका के बीच निभाया बिचौलिए का रोल

उस पेंटिंग में ऐसा क्या था कि मिलिंद देवड़ा चाहते थे कि 'यस बैंक' के तत्कालीन सीईओ राणा कपूर उसे प्रियंका गाँधी से 2 करोड़ रुपए में ख़रीदें? उस दौरान मिलिंद, राणा और प्रियंका में क्या-क्या बातचीत हुई, उसकी पूरी डिटेल्स यहाँ देखें। बदले में राणा ने भी एक बड़ी माँग रखी थी।

सुशांत सिंह की नई बकैती: दिल्ली की हिंसक भीड़ में औरते थीं क्या? मैंने तो नहीं सुना, लोगों ने दिखाई हकीकत

सोशल मीडिया पर चाँदबाग की वो वीडियो सैलाब की तरह तैर रही है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों पर पत्थर से हमला कर उन्हें घायल किया। लेकिन, इसके बाद भी सुशांत सिंह पूछते हैं कि दिल्ली की हिंसक भीड़ में औरतें थीं क्या? मैंने तो नहीं सुना। सोचिए कितना शर्मसार करने वाला है सुशांत का ये ट्वीट।

होली रेप कल्चर का त्यौहार, मुस्लिम महिलाओं को नहीं पटा पाते हिन्दू मर्द: लिबरलों का नया तर्क

इरेना का कहना है कि इसी जलन और हीनता की भावना का शिकार होकर हिन्दू मर्द मुस्लिमों के व्यापार और घरों को नुकसान पहुँचाते हैं, जला डालते हैं- ताकि मुस्लिम महिलाओं को बेइज्जत कर सकें। उन्होंने ये नहीं बताया कि महिलाओं को बुर्के में कैद रखना किस समाज की संस्कृति का हिस्सा है?

क्या आपने बहन-बीवी के लिए चाय बनाए हैं, बर्तन धोए हैं? नहीं… तो वेद के ये 4 श्लोक पढ़ डालिए अभी

वेदों में महिलाओं की स्थिति के विषय में जो मंत्र हैं, अगर आप उनको पढ़ेंगे तो महसूस करेंगे कि महिलाओं को वहाँ बहुत अधिक सम्मानजनक दर्जा प्राप्त है। वेद महिलाओं को इतना सशक्त, उदात्त और स्वीकार्य स्थान प्रदान करते हैं कि दुनिया की कोई भी तथाकथित आधुनिक और विकसित सभ्यताएँ उसके बारे में सोच भी नहीं सकती।

जब तक हिन्दू बहुमत में है तभी तक रहेगा लोकतंत्र: भारत की आत्मा में श्रीराम बसे हैं, बाबर नहीं

गुरु नानक ने स्वयं अपनी आँखों से देखे बाबर के अत्याचारों का ऐसा दर्दनाक वर्णन किया है कि आज भी उसको पढ़ कर किसी का भी दिल पसीजे बिना नहीं रह सकता। उस अत्याचारी बादशाह की जामिया मिलिया जैसे राष्ट्रीय संस्थान में जयंती मनाई गई थी।

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