1) 2006 से 2016 तक 27.1 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से निकाला गया। 2) डिपॉजिट इन्सुरेंस कवर को 1 लाख रूपए प्रति व्यक्ति से बढ़ा कर 5 लाख रुपए प्रति व्यक्ति कर दिया गया। ऐसे ही 25 पॉइंट्स में समझें पूरा बजट। जानें किस मंत्रालय को मिला कितना आवंटन।
अंजलि ने होशियारी दिखाते हुए तार को बारूद से अलग कर दिया और तहखाने के लोहे के दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया। इसके बाद सिरफिरे ने कई बार दरवाजा खुलवाने की कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया।
कश्मीरी पंडितों जितनी ही दर्दनाक कहानी है ब्रू लोगों की। 23 वर्षों तक उनके पास न घर, न जमीन, न चिकित्सा और न ही उनके बच्चों को अभी तक कोई शैक्षिक सुविधा ही प्राप्त हुई। क्यों? क्योंकि ये वैष्णव हिन्दू हैं, अत्यन्त राष्ट्रवादी हैं और इन्हें ईसाई बनना मंजूर नहीं था। लेकिन इन्होंने इसकी भारी कीमत चुकाई।
“मैं गाँव का रहने वाला हूँ। मैं जब मदद करता हूँ तो मर्दानगी से करता हूँ। मैंने तो शाहीन बाग वालों की भी मदद कर रखी है। शाहीन बाग बाले मुझे रोज फोन करते हैं।”
इसमें लिखा था - कार्टून प्रोग्राम छोटा भीम के क्रिएटर अब गाय की जर्नी पर एक एनिमिटेड फिल्म बनाएँगे। इसको शेयर करते हुए शादाब ने लिखा, “डिसक्लेमर: इसका थीम सॉन्ग ये होगा- गौ-मूत्र धूम मचाए, सामने कोई टिक न पाए, गौ माँ, गौ माँ, लिंचिंग वाली गौ माँ।”
2020-21 के लिए रक्षा बजट में 3,23,053 रुपए आवंटित किए गए हैं। पिछले बजट 2019-20 में रक्षा क्षेत्र के लिए 3.18 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। रक्षा पेंशन के बजट को गत बजट के 1.17 लाख करोड़ से बढ़ाकर 1.37 लाख करोड़ रुपए किया गया है।
जिसकी वार्षिक आय 10 लाख रुपए से लेकर 12.5 लाख रुपए तक है, उनके लिए इनकम टैक्स रेट अभी 30% था। इसे घटा कर 20% कर दिया गया है। इसके अलावा 7.5 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वालों के लिए टैक्स रेट 15% कर दिया गया है।
लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के लिए 5958 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। नवगठित संघ राज्यों के लिए 2020-21 में 30,757 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है। इसमें से लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के लिए 5958 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।
"पीएम कह चुके हैं कि इन्फास्ट्रक्चर पर अगले पाँच साल में 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा। हाउसिंग, स्वच्छ पानी, हेल्थकेयर, शिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, वेयरहाउसिंग, सिंचाई जैसे क्षेत्रों में निवेश होगा।"
स्वास्थ्य सेक्टर के लिए अतिरिक्त 69,000 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 'स्वच्छ भारत अभियान' के लिए 12,300 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। ग्रामिक क्षेत्रों में साफ़ पानी की व्यवस्था पर जोर देते हुए इस बार के बजट में 'जल जीवन मिशन' के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।