कॉन्ग्रेस में ओल्ड गार्ड और न्यू गार्ड की लड़ाई 2007 में राहुल के पार्टी महासचिव बनने के बाद ही शुरू हो गई थी। पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में इनके सामने राहुल को सरेंडर करना पड़ा था। अब सोनिया की वापसी के साथ ही ओल्ड गार्ड हिसाब चुकता करने में लग गए हैं।
इससे पहले आजम खान 2 अक्टूबर को अपने परिवार के साथ जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले के संबंध में बयान दर्ज करवाने के लिए एसआईटी के सामने पेश हुए थे। इस दौरान जाँच टीम ने सपा सांसद से 150 सवाल पूछे थे। जिसके बाद उन्होंने बयान दिया था कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
"ऐसे कुछ लोग जो कि बजरंग दल और बीजेपी के पदाधिकारी थे और आज भी हैं। आईएसआई के लिए जासूसी करते हुए पकड़े गए थे। भाजपा के राज में उनकी जमानत हो गई। ये जमानत कैंसिल होना चाहिए। उन पर मुकदमा चलना चाहिए। देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए।"
ख़ुफ़िया इनपुट्स के मुताबिक जैश कमांडर अबू उस्मान के नेटवर्क से जुड़ा मॉड्यूल दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके में घुस अपने मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में है। इनका मकसद त्योहारों में भीड़भाड़ वाले इलाके में तबाही मचाना है। निशाने पर चार प्रमुख बाजार हैं।
आखिर अंग्रेज़ों के दस्तावेजों में चोरी-छिपे 'बाबरी मस्जिद' किसने जोड़ा? खुदाई में मिले साक्ष्यों से यह साफ़ है कि न केवल मस्जिद मंदिर तोड़कर बनी, बल्कि यह स्थल मस्जिद के सैकड़ों, हज़ारों साल पहले से मंदिर रहा है।
योगी ने विपक्षियों पर तंज कसते हुए कहा कि हमारे देश में राम का नाम लेते ही कुछ लोगों को हाई-वोल्टेज करंट लगता है। उन्होंने कहा कि भारत तभी तक बना रहेगा और मानव कल्याण का मार्ग यहाँ से गुजरता रहेगा, जब तक यह देश मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम से ख़ुद को जोड़ कर उनसे प्रेरणा लेता रहेगा।
जब हमले नहीं हों तो रवीश कहते हैं कि कश्मीरी संगीनों के साये में जी रहे हैं, उनकी आवाज़ दबाई जा रही है। जब आतंकी हमला होता है तो वह सरकार और सुरक्षा बलों को घेरते हैं। दोनों हाथों में लड्डू रखने के लिए मीठी आवाज़ में हर ख़बर में 'नौकरी' घुसेड़ देना ही काफ़ी है।
सोनिया गॉंधी ने कॉंन्ग्रेस की कमान संभालने के बाद तंवर को उनके पद से हटा कर पूर्व केंद्रीय मंत्री शैलजा को प्रदेश की जिम्मेदारी दी थी। साथ ही हुड्डा को भी आगे किया जा रहा है, जबकि राहुल गॉंधी ने पूर्व मुख्यमंत्री की तमाम चेतावनियों के बावजूद तंवर को उनके पद से हटाने से इनकार कर दिया था।
निखिल पाल ने बताया कि उन्हें जब पहली बार धमकी भरा कॉल आया तो उन्होंने इसे किसी की शरारत समझ कर नज़रअंदाज़ कर दिया। लेकिन दोबारा यही धमकी दी गई तो उन्होंने पलट कर जवाब देते हुए कहा, "कश्मीर तुम्हारे बाप का नहीं है।"
अदिति सिंह ने कहा कि उनको कोई नोटिस नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र में विधायक राजेश सिंह और विधान परिषद के सदस्य दिनेश सिंह भी शामिल हुए थे। पार्टी विधानमंडल दल ने क्या उन्हें भी नोटिस भेजा है?