500 आबादी वाले इस गाँव के 20 लोगों ने अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पहाड़ काटकर 3 किलोमीटर की कच्ची सड़क बना दी। बच्चे अब 3 घंटे की जगह महज़ 30 मिनट में स्कूल तक का सफर तय कर लेंगे।
शौकत अली कश्मीरी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना कश्मीरियों को इस बात के लिए उकसा रही है कि अब वे हलके-फुल्के हथियारों का प्रयोग न कर के भारत के ख़िलाफ़ आत्मघाती हमलों को अंजाम दें। ऐसा पाकिस्तानी सेना के रिटायर्ड जनरलों द्वारा खुलेआम प्रचारित किया जा रहा है।
अब सोशल मीडिया पर असत्यापित विज्ञापन पोस्ट करने पर आयोग कार्रवाई करेगा। इसके अलावा चुनाव प्रचार के लिए सेना के जवानों के फोटोज भी इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे। इतना ही नहीं, फेक न्यूज़ पर भी चुनाव आयोग की कड़ी नज़र रहेगी।
पाकिस्तान ने कोहली ब्रिगेड पर खेल का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था, जिसे आईसीसी ने नकार दिया। बहरहाल, बीसीसीआई ने योजना बनाई है कि भारत हर साल एक बार अपने सैनिकों के सम्मान में आर्मी कैप पहनकर मैच खेलेगा।
चंदामामा मैग्जीन को ख़रीदने वाली यह कंपनी विभिन्न नियमों की अनदेखी के आरोप में पहले भी सेबी (Securities and Exchange Board of India) की कार्रवाई का सामना कर चुकी है।
बिहार के तरैया थाने के डुमरी छपिया गाँव में बबलू नाम के शख्स की शादी त्रिभुवन शाह की पुत्री रिंकी के साथ होने वाली थी, मगर दूल्हे को शराब के नशे में देख दुल्हन ने शादी करने से इंकार कर दिया।
सावधान, आप लगातार 9 टेस्ट सीरीज जीतने वाले कप्तान की बात कर रहे हैं। यह कारनामा इस से पहले सिर्फ़ ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ही कर सके हैं। पंत को मौक़ा दिया जाना समय की माँग है, टीम के भले के लिए है।
बीटी कपास बीज के MSP को कम करने के क़दम के तहत स्वदेशी जागरण मंच (SJM) सहित कई संगठनों ने माँग की थी कि ट्रेट शुल्क को पूरी तरह से हटा दिया जाए ताकि किसानों को उच्च क़ीमतों का 'अनावश्यक बोझ' न उठाना पड़े।
इंग्लैंड और अमेरिका का उदाहरण देने वाले ये नेता उन देशों और भारत के बीच के जनसंख्या गैप को भी काफ़ी आसानी से नज़रअंदाज़ कर देते हैं। कभी अमेरिका में कोई नकाबपोश कथित ख़ुलासे करता है तो कभी ब्लूटूथ से ईवीएम 'हैक' होने लगता है।
भौगोलिक परिस्थितियाँ, जनसंख्या, सुरक्षा बलों के आवागमन, अशांत अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ व विभिन्न हिंसक संगठनों के कारण भारत में एक चरण में चुनाव संपन्न कराना संभव नहीं है। चुनावों के दौरान सुरक्षा बलों के जवान बस और ट्रेन से आवागमन करते हैं।