"अगर आपके आस-पास कोई व्यक्ति है तो फोन पर अपने किसी सम्बन्धी से बात करने का नाटक करें। ऐसा दिखाएँ कि वो सम्बन्धी कोई पुलिसवाला है और उससे बातचीत का ड्रामा करते हुए अपनी लोकेशन शेयर करें। इससे आप पर ग़लत नज़र रखने वाले डर जाएँगे।"
“मुझे ये बताया गया कि मुझे केस से हटा दिया गया है, क्योंकि मेरी तबियत ठीक नहीं है। ये बिल्कुल बकवास बात है। जमीयत को ये हक है कि वो मुझे केस से हटा सकते हैं लेकिन जो वजह दी गई है वह गलत है।”
"उपेक्षा का एकमात्र कारण ऐसे कुलपतियों का यहाँ आना भी रहा जो वामपंथी विचारधारा से प्रेरित थे। जिनकी हिन्दू धर्म और सनातन परम्पराओं में कोई रूचि नहीं रही। कॉन्ग्रेस के शासन के दौरान जब वामपंथ का बोलबाला रहा तभी BHU के संविधान से काफी छेड़छाड़ हुआ।"
घटना के 4 दिन बाद मुख्यमंत्री केसीआर ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि वो इस ख़बर से व्यथित हैं। मुख्यमंत्री ने फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दिलाए जाने की बात कही है। लोग पुलिस व प्रशासन से नाराज़ हैं।
पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी के छात्रावास के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया था। घटना से आहत पीड़िता के पिता के अलावा कॉलेज के कुछ अन्य छात्रों ने शव को लगभग 12 घंटे तक पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस विषय पर लोकसभा में ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा हर सुझाव को स्वीकार करने की बात कही। दोनों सदनों में इस वीभत्स घटना को लेकर सभी पार्टियों के सांसदों ने क्षोभ प्रकट किया।
डॉक्टर प्रीति रेड्डी रेप और हत्याकांड में पुलिस ने जो रिमांड कॉपी तैयार की है, उसकी एक कॉपी ऑपइंडिया ने भी एक्सेस की है। इस पूरी वारदात से लेकर उसकी जाँच और फिर आरोपितों की धर-पकड़ तक, इसमें पुलिस ने सभी जानकारियाँ एक जगह लिखी हैं।
जमीयत ने कहा है कि पर्यटकों और घुमंतुओं के रचित वृत्तांतों पर अदालत को भरोसा नहीं करना चाहिए। उसने कहा है कि मंदिर गिराकर मस्जिद बनाने के कोई सबूत नहीं है। साथ ही इतिहास में हुई ग़लतियों को कोर्ट सुधार नहीं सकता है।
जहाँ पूरा देश डॉक्टर रेड्डी के साथ हुई जघन्यता के लिए इंसाफ की माँग कर रहा है, 'द क्विंट' इस बात को लेकर चिंतित है कि अब मुख्य आरोपित मोहम्मद आरिफ के जेल जाने के बाद मुख्य अभियुक्त आरिफ के परिवार का गुजारा कैसे होगा? पूरी रिपोर्ट में उसे 'बेचारा' साबित करने की कोशिश की गई है।
मोइन के कहने पर अयाज़ और मुबारक कार लेकर उस गली में पहुँचे जहाँ जावेद अली का घर था। घर के बाहर खेल रहे उनके बेटे से दोनों ने रेस्तरां का रास्ता पूछा। रेस्तरां ले जाने के लिए जावेद का बेटा उनकी गाड़ी में बैठ गया और उसे अयाज़ और मुबारक अगवा कर ले गए।