देश-समाज

अजमल ने आशीष बन कर 23 साल की चाची का किया रेप, 17 वर्षीय भतीजी को बनाया गर्भवती, गिरफ़्तार

आरोपित अजमल ने चाची-भतीजी से जान-पहचान करने के लिए छद्म हिन्दू नाम का सहारा लिया। उसने उन दोनों को अपना नाम आशीष दुबे बताया। उसने शादी का झाँसा देकर महिला के साथ बलात्कार किया और उसे फ़िल्मा लिया। इसी रिकॉर्डिंग का खौफ दिखा कर भतीजी के साथ भी...

बिहार सिपाही परीक्षा की 10 तस्वीरें… कुछ भी ठीके नहीं है नीतीश कुमार, चरमरा गया है बिहार!

हाजीपुर स्टेशन से गुजर रही राजधानी एक्सप्रेस पर भी अभ्यर्थियों का ग़ुस्सा फूटा। इस दौरान उन्होंने ट्रेन पर जमकर पत्थरबाज़ी की। इससे ट्रेन के शीशे टूट गए और उसमें सवार यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

‘मारो साले को’ – भीड़ में शामिल लड़की ने दिया आदेश और सब मुझ पर टूट पड़े: JNU का नेत्रहीन छात्र

आख़िर क्या कारण था कि एक संस्कृत विभाग में शोध करने वाले नेत्रहीन छात्र के कमरे में ही उग्र भीड़ ने उनकी जम कर पिटाई कर दी। भीड़ में से एक लड़की ने कहा- "मारो साले को" और रॉड लेकर वो पिल पड़े। जेएनयू हिंसा की कहानी, एक पीड़ित नेत्रहीन छात्र की जुबानी।

जब JNU में मार कर खदेड़े गए 2 सैन्य अधिकारी: Pak शायरों के भारत विरोधी बयान पर जताई थी आपत्ति

अप्रैल 29, 2000। जेएनयू की वो कहानी, जो आज तक दबी हुई है। वहाँ हुए पाकिस्तानी मुशायरे में कारगिल युद्ध के दो सैन्य अधिकारियों को सिर्फ़ इसलिए पीटा गया क्योंकि उन्होंने भारत-विरोधी टिप्पणियों पर आपत्ति जताई थी। उस आयोजन में बड़ी रक़म ख़र्च की गई थी।

‘…उस रात सेना के जवान न आते तो घर में जश्न नहीं मातम होता’ – गर्भवती तस्लीमा और भाई फैज ने बताया फरिश्ता

गर्भवती महिला तस्लीमा, प्रसव पीड़ा और असहाय भाई फैज। अस्पताल जाते समय चारों तरफ बर्फ ही बर्फ और रास्ता जाम। तभी वहाँ पहुँचते हैं सेना के जवान। 3 Km बर्फ़ में पैदल लादकर पहुँचाते हैं अस्पताल और गूँज उठती हैं किलकारियाँ। तभी फैज ने कहा - "अगर सेना के जवान न होते तो घर में जश्न के बजाय मातम मन रहा होता।"

7 साल के बॉयफ्रेंड साबिर को पाने के लिए पति की हत्या, अवैध संबंध को लेकर होता था विवाद

दिलशाद पहले परिवार के साथ पंचकुइयाँ इलाके में रहते थे। वहीं, पत्नी के अवैध संबंध की जानकारी के बाद वह सुंदर नगर इलाके में रहने लगे थे, लेकिन फिर भी साबिर लगातार बिलकिस से मिलता रहता था। दिलशाद इसका लगातार विरोध करता था। एक दिन इसी विरोध के कारण...

‘शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारी खा रहे बिरयानी, मना रहे पिकनिक’ – जाम से परेशान स्थानीय लोग सड़क पर

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अरविन्द केजरीवाल अपने घर में बैठ कर हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति कर रहे हैं। यातायात ठप्प है, शिक्षा व्यवस्था ठप्प है। शाहीन बाग़ के लोगों ने CAA विरोधी प्रदर्शन के ख़िलाफ़ सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। उन्होंने पूछा कि क्या हिन्दुओं की भावनाओं का कोई महत्व नहीं?

सब पर चाय वाले की नजर: पूर्व जज और उनके साथी कोड वर्ड में करते थे डीलिंग

सीबीआई की चार्जशीट में बताया गया है कि रिश्वत की बात पेड़, गमला, समान और प्रसाद जैसे कोड वर्ड के जरिए की गई। हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का कोड वर्ड 'मंदिर' था। हवाला लेन-देन के लिए 'दस रुपए का नोट' कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया।

बुलंदशहर में कॉलेज से लौट रही छात्राओं से छेड़खानी, बिलाल और साजेब गिरफ्तार: सांप्रदायिक तनाव

आरोपितों ने घटना का जिक्र करने पर छात्राओं को जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं जब पीड़िताओं के परिजनों ने मामला दर्ज कराया तो उन पर दबाव बनाने के लिए आरोपितों के परिजन उनके गॉंव पहुॅंच गए।

जय श्री राम बोलने और गोहत्या से रोकने पर सैनिक को मुस्लिम युवकों ने पीटा, नफीस गिरफ्तार

रामनरेश ने जब गाय काटने से रोका तो उसके साथ गाली-गलौज की गई। उसे कहा गया- तू बड़ा मोदी, योगी का भक्त बनता है, आज तुझे देख लेते हैं। उसके साथ मारपीट की। हमलावरों ने उसकी राइफल और पैसे भी छीन लिए।

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