4 दिनों का भूख-प्यास जब हावी हुआ तो गुड़िया (1 साल की बच्ची) माँ की लाश का मोह छोड़ते हुए, रेंगते हुए, खेत से बाहर एक मंदिर के पास जा पहुँची। यहाँ कुछ भक्तों की नज़र इस पर गई। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी और गुड़िया को अस्पताल तक पहुँचाया।
कोर्ट ने इन तीनों को पेशी से छूट तो दी ही इसके अलावा आरोपियों के वकीलों को विस्फ़ोट वाली जगह पर जाने की अनुमति भी दी। ग़ौरतलब है कि मालेगाँव में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास विस्फोट में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।
सट्टा बाजार में इस बार नरेंद्र मोदी के पीएम बनने को लेकर, अमेठी में राहुल गाँधी को जीतने और यूपी में सपा-बसपा के गठबंधन पर भी खूब पैसे लगे हुए हैं। कुछ पंटर्स के अनुमान के मुताबिक इस बार दुगना पैसा सट्टा में लगा हुआ है।
अरुणाचल प्रदेश में नेशनल पिपल्स पार्टी के विधायक तिरोंग अबो और 6 अन्य लोगों की आतंकी हमले में मौत हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध NSCN के आतंकियों का हाथ इस हमले के पीछे हो सकता है।
हैवानियत पर उतारू रामबचन ने अपनी पत्नी को मारने के लिए फावड़े का इस्तेमाल किया। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद वो तब तक लाश के पास खड़ा रहा जब तक कि मौक़े पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी नहीं हो गई।
"हमारे देश को एक ऐसी सरकार की ज़रूरत है जो सबको साथ लेकर चले और भाईचारा, शांति और समरसता को बढ़ावा दे। दुर्भाग्यपूर्ण रूप से, कुछ राजनीतिक पार्टियाँ ऐसी हैं जो धर्म के आधार पर राजनीति करती हैं। ये सही नहीं है और ऐसी पार्टियों को जाना पड़ेगा।"