मीडिया हलचल

PM मोदी के बड्डे पर भास्कर में फूल पेज फोटो… प्रिंटिंग-टाइपिंग मशीन को भेजा है लाख लानतें… रवीश अब मत रोइए

“छापे के बाद दैनिक भास्कर के अंग्रवाल वरिष्ठों की नज़र में मोदी जी। प्रधानमंत्री जी नहीं, प्रधानमंत्रीश्री लिखा है।” - 'रोते' रवीश ने लिखा।

नसीरुद्दीन शाह के ‘बचाव’ में पाँच बकवास बातों के सहारे कूदीं तवलीन सिंह, खुद ही घिरीं: जानिए क्या हुआ

तवलीन के दावों के विपरीत, 'लिबरल' और खुद को ‘मोडरेट’ बताने वाले भारतीय मुस्लिम नसीरुद्दीन शाह द्वारा तालिबान का पक्ष लेने के खिलाफ सलाह देने से काफी नाखुश थे।

GDP 20% बढ़ी, 1 दिन में 1.30 करोड़ टीकाकरण: रवीश कुमार भूले इकोनॉमी और वैक्सीन, तालिबान को लगा रहे सरसों तेल

'तालिबान की बात क्यों हो रही है?' का रट्टा मारने वाले रवीश कुमार अब तालिबान की बातें कर रहे। GDP और कोरोना टीकाकरण पर साधी घनघोर चुप्पी।

भारत में कोरोना की दूसरी लहर में गिद्ध बनी मीडिया, अमेरिका में क्या छिपा रही: चीनी वायरस से फिर वही तबाही

अमेरिका में चीनी वायरस की दूसरी लहर से उत्पन्न हुआ संकट बहुत तेज़ है। आश्चर्य यह है कि मीडिया ने खामोशी अख्तियार कर रखी है। आखिर क्यों?

ममता से मिले राजदीप तो आया मौसम रसगुल्ला का, राजनीति में अब लड्डू का हाल भी राहुल गाँधी जैसा

राजदीप सरदेसाई ने रसगुल्ले को राजनीति और पत्रकारिता के मध्य में रख दिया है। राजनीति इसे खिलाकर कठिन सवालों को रोकेगी और पत्रकारिता इसे खाकर।

जिस भास्कर में स्टाफ मर्जी से ‘सूसू-पॉटी’ नहीं कर सकते, वहाँ ‘पाठकों की मर्जी’ कॉर्पोरेट शब्दों की चाशनी है बस

"भास्कर में चलेगी पाठकों की मर्जी" - इस वाक्य में ईमानदारी नहीं है। पाठक निरीह है, शब्दों का अफीम देकर उसे मानसिक तौर पर निर्जीव मत बनाइए।

वामपंथी मीडिया से लेकर सरकारें गिराने वाली विदेशी एजेंसियों के निशाने पर भारत: जानिए कितना सुनियोजित है प्रोजेक्ट पेगासस षडयंत्र

पेगासस का खुलासा करने वाली संस्था फॉरबिडेन स्टोरीज को उन लोगों और संस्थाओं से दान मिलते हैं, जो सरकारों को अस्थिर करने का काम करती हैं।

NASA के ट्वीट पर आई प्रतिक्रियाएँ विज्ञान के प्रति समर्थन नहीं, हिंदुत्व के प्रति घृणा दर्शाती हैं

NASA इंटर्न प्रतिमा राय और हिन्दू देवी-देवताओं पर आई प्रतिक्रिया यह उजागर करती है कि विरोधियों का सरोकार विज्ञान के समर्थन में नहीं है।

बीबीसी की रिपोर्टिंग में आतंकवादी को चरमपंथी कहा जाएगा तो क्या होगा आतंक के विरुद्ध वैश्विक लड़ाई का?

भले बीबीसी ने अपनी रिपोर्टिंग में आतंकवादी शब्द का इस्तेमाल न करने का फैसला एक नीति के तौर पर भले ही 2019 में अपनाया हो पर कश्मीरी आतंकवाद के मामले में उसने यह नीति कई वर्षों से अपना रखी है।

डंडा क्यों नहीं करती मोदी सरकार? सोशल मीडिया के तानों से अलग हकीकत, अब डूबे या उबरे ट्विटर के हाथ

ट्विटर और सरकार के विवाद के बीच सोशल मीडिया पर यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि मोदी सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। जानिए, हकीकत।

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