मीडिया हलचल

विनोद दुआ को कैसे याद करूँ… पाखंड हुआ नहीं जाता और गोधरा में जलाए गए रामभक्त भी याद आ रहे

इसे पाखंड कहूँ या विडंबना विनोद दुआ को उसी तरह की श्रद्धांजलि खूब पड़ रही है जो वे नहीं चाहते थे। दुखद यह है कि ऐसा उनके लिबरल-सेकुलर मित्र भी कर रहे।

झूठ, फेक न्यूज़, प्रोपेगेंडा, चोरी पकड़े जाने पर शोर… त्रिपुरा ने फिर साबित किया लेफ्ट-लिबरल गिरोह के लिए एजेंडा ही सबकुछ

लिबरल गिरोह और उसके इकोसिस्टम के लोगों के लिए अब अपने एजेंडा को छिपाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। अब ये इकोसिस्टम पूरी बेशर्मी के साथ अपना एजेंडा चलाता है।

‘किसान का बेटा है नीरज चोपड़ा इसलिए मोदी ने नहीं दिया पद्म पुरस्कार’ : जानें वामपंथियों के कुतर्क कहाँ हुए फेल

नीरज चोपड़ा का नाम लेकर कई वामपंथी सोशल मीडिया पर मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उनका कुतर्क है कि नीरज किसान के बेटे हैं इसलिए उन्हें अवार्ड नहीं मिला।

‘द प्रिंट’ के लेख में सड़क पर नमाज का बचाव, मंदिरों में नमाज पर गर्व: फिर सऊदी में क्यों है रोक? मस्जिदों में यज्ञ-हवन...

'द प्रिंट' आया सड़क पर नमाज के बचाव में। लाखों की मुस्लिम भीड़ सड़क घंटों जाम करे तो ठीक, 10 हिन्दू हनुमान चालीसा पढ़ दें तो खतरनाक? क्या हिन्दू हमेशा 'धिम्मी' बन कर रहे और मंदिरों में पूजा-पाठ बंद कर नमाज ही करवाई जाए?

कॉन्ग्रेस के युवराज का फैलाया रायता समेटने में लगे ‘पत्रकार’, क्योंकि पंजाब जाए भाड़ में राहुल गाँधी का ‘इकबाल’ बना रहे

पंजाब में गहराए राजनीतिक संकट के बीच मीडिया गिरोह राहुल गाँधी की छवि बचाने के लिए सीमावर्ती राज्य को लेकर व्यक्त की जा रही हर चिंता को सिरे से नकार रहा है।

PM मोदी के बड्डे पर भास्कर में फूल पेज फोटो… प्रिंटिंग-टाइपिंग मशीन को भेजा है लाख लानतें… रवीश अब मत रोइए

“छापे के बाद दैनिक भास्कर के अंग्रवाल वरिष्ठों की नज़र में मोदी जी। प्रधानमंत्री जी नहीं, प्रधानमंत्रीश्री लिखा है।” - 'रोते' रवीश ने लिखा।

नसीरुद्दीन शाह के ‘बचाव’ में पाँच बकवास बातों के सहारे कूदीं तवलीन सिंह, खुद ही घिरीं: जानिए क्या हुआ

तवलीन के दावों के विपरीत, 'लिबरल' और खुद को ‘मोडरेट’ बताने वाले भारतीय मुस्लिम नसीरुद्दीन शाह द्वारा तालिबान का पक्ष लेने के खिलाफ सलाह देने से काफी नाखुश थे।

GDP 20% बढ़ी, 1 दिन में 1.30 करोड़ टीकाकरण: रवीश कुमार भूले इकोनॉमी और वैक्सीन, तालिबान को लगा रहे सरसों तेल

'तालिबान की बात क्यों हो रही है?' का रट्टा मारने वाले रवीश कुमार अब तालिबान की बातें कर रहे। GDP और कोरोना टीकाकरण पर साधी घनघोर चुप्पी।

भारत में कोरोना की दूसरी लहर में गिद्ध बनी मीडिया, अमेरिका में क्या छिपा रही: चीनी वायरस से फिर वही तबाही

अमेरिका में चीनी वायरस की दूसरी लहर से उत्पन्न हुआ संकट बहुत तेज़ है। आश्चर्य यह है कि मीडिया ने खामोशी अख्तियार कर रखी है। आखिर क्यों?

ममता से मिले राजदीप तो आया मौसम रसगुल्ला का, राजनीति में अब लड्डू का हाल भी राहुल गाँधी जैसा

राजदीप सरदेसाई ने रसगुल्ले को राजनीति और पत्रकारिता के मध्य में रख दिया है। राजनीति इसे खिलाकर कठिन सवालों को रोकेगी और पत्रकारिता इसे खाकर।

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