विचार

अगर एक हत्या करने वाला गोडसे आतंकी है तो ‘अल्लाहु अकबर’ बोलकर लाशें बिछाने वाले कौन?

विशाल भारद्वाज के अनुसार वैचारिक मतभेदों के आधार पर किसी की हत्या करना आतंकवाद है। क्या आतंकवाद इतना सामान्य है? इस्लामिक और वामपंथी आतंकवाद को ढँकने के लिए विशाल की ये कोशिश कॉन्ग्रेस के 'हिन्दू आतंकवाद' नैरेटिव का ही हिस्सा है।

जलते जहाज पर 900 टन पानी डालकर आग बुझाने की हुई थी कोशिश: अग्निशमन सप्ताह

जहाज में लदा हुआ कपास, जलता हुआ, आग की बारिश की तरह आस पास की झुग्गी झोपड़ियों पर बरसा। धमाके से दो स्क्वायर किलोमीटर का तटीय इलाका जल उठा।

चुनाव आयोग आख़िर चाहता क्या है?

चुनाव आयोग को कुछ असहज करते प्रश्नों का जवाब देने की जरूरत है। नहीं तो वह जनता का भरोसा खो देगा। यह लोकतंत्र के लिए कतई शुभ नहीं होगा।

नकली भक्त राहुल गाँधी के कॉन्ग्रेस ने किया राम, भगवा ध्वज और त्रिपुण्ड का अपमान

यह वीडियो एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ राजनीतिक प्रचार के रूप में कम और हिंदू आतंकवाद सिद्धांत को फिर से हवा देने की रूपरेखा के रूप में ज़्यादा है। कॉन्ग्रेस पार्टी सत्ता में वापस आने के लिए अब देश ही क्या, यहाँ की संस्कृति और सहिष्णुता का भी घोर अपमान करने पर तुली हुई है। सत्ता और तुष्टिकरण के लिए अब ये कोई भी सीमा लाँघ सकते हैं।

राहुल की ‘न्याय योजना’ कहीं अन्याय का प्रतीक तो नहीं…

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने लोकसभा चुनाव के मुख्य चुनावी वादे के रूप में न्यूनतम आय गारंटी योजना की घोषणा तो कर दी, लेकिन ये नहीं बताया कि इस भारी भरकम योजना को लागू कैसे किया जाएगा? इसके लिए फंड कहाँ से आएगा?

प्रतीकों का रसूलीकरण: अगर इशरत जहां की जाँच हुई, तो साध्वी प्रज्ञा के आरोपों की जांच में दिक्कत क्या है?

पीठ पर गोली लगने की वजह से जेहादियों के हाथ मारे गए करकरे को सवालों से परे क्यों होना चाहिए? अगर इशरत जहां के आतंकियों के साथ मारे जाने पर भी जाँच आयोग बिठाए जाते हैं, तो साध्वी प्रज्ञा के आरोपों की जांच में दिक्कत क्या है?

PM मोदी के परिजनों की तुलना आवारा पशुओं से करना कॉन्ग्रेस की जर्जर मानसिकता का प्रमाण

कॉन्ग्रेस और मोदी-विरोधी दल अपने ग़ुस्से पर क़ाबू पाने में पूरी तरह से असफल होते जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें ख़ुद ही नहीं मालूम होता कि वो कब क्या कह दें।

हिन्दुओं की सबसे बड़ी समस्या: वामपंथियों, कॉन्ग्रेसियों के गुनाहों की माफ़ी माँगते रहना

भाजपा के सर पर सम्प्रदायवाद मढ़ दिया जाता है, लेकिन याद कीजिए कि कॉन्ग्रेस के दंगाई इतिहास और वामपंथियों के आतंक के शिकार लोगों के लिए, उनके और तृणमूल के पोलिटिकल किलिंग्स पर कितनी बार माफ़ी माँगी गई? किसी ने कह दिया कि भाजपा कम्यूनल है, तो वो गई क्या? सिद्धू ने अपने बयान के लिए माफ़ी माँगी? मणिशंकर अय्यर ने? आज़म खान ने? राहुल गाँधी ने?

साध्वी का दोष कि वो हिन्दू थी? कि पिता IAS नहीं थे? कि वो LSR की छात्रा नहीं थी?

मैं साध्वी की बात से सहमत नहीं हूँ। मैं पीड़ित नहीं हूँ और महिला भी नहीं हूँ। मैं सत्य नहीं जानता। मैं यह जानता हूँ जहाँ कान पकड़ने पर एक व्यक्ति पुलवामा में 45 लोगों की हत्या कर देता है, एक साधनहीन महिला सिर्फ़ एक श्राप दे कर ठहरती है।

सेना से सबूत माँगने वाले जब हेमंत करकरे के लिए बिलबिलाते हैं तो क्यूट लगते हैं

आपको सेना के जवानों से सबूत माँगते वक्त लज्जा नहीं आई, आपको एयर स्ट्राइक पर यह कहते शर्म नहीं आई कि वहाँ हमारी वायु सेना ने पेड़ के पत्ते और टहनियाँ तोड़ीं, आपको बटला हाउस एनकाउंटर वाले अफसर पर कीचड़ उछालते हुए हया नहीं आई, लेकिन किसी पीड़िता के निजी अनुभव सुनकर आपको मिर्ची लगी कि ये जो बोल रही है, वो तो पूरी पुलिस की वर्दी पर सवाल कर रही है।

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