विचार

घर के इन दीमकों का क्या करें? ‘हा-हा’ रिएक्शन देने वालों का भी मज़हब नहीं होता?

सेना और हमारे सुरक्षा बलों के जवान बाहरी ख़तरों से तो निपट लेंगे लेकिन ये 'हा-हा' करने वालों से कौन निपटेगा? इन्हें क्यों बर्दाश्त किया जा रहा है इस देश के 'अच्छे मुस्लिमों' द्वारा?

राष्ट्र-निर्माण नहीं, राष्ट्र-विरोध की पाठशाला बनता जा रहा है AMU

AMU शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा बाक़ी सभी कारणों से सुर्ख़ियों में रहता है। यहाँ बात-बात में साम्प्रदायिक हिंसा भड़क जाती है। देश-विरोधी नारे और राष्ट्र विरोधी गतिविधियाँ तो जैसे यहाँ एक सामान्य बात हो चुकी है।

‘बच्चों की कसम है’ से लेकर, उसी कॉन्ग्रेस सपोर्ट के लिए ‘लालायित’ सड़जी… और कितना गिरेंगे?

केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "हमारे मन में देश को लेकर बहुत ज्यादा चिंता है, इसी वजह से हम लालायित हैं, उन्होंने (कॉन्ग्रेस) ने लगभग मना कर दिया है।"

प्रिय केजरीवाल जी, मेरे पिता छठी पास हैं, और शिक्षित हैं, शायद आपसे ज़्यादा

केजरीवाल ने मोदी को अशिक्षित कहा है। हालाँकि, उनके बयानों को सुनकर, उनके ट्वीट पढ़कर उनके साक्षर होने का प्रमाण तो मिलता है, लेकिन उनके शिक्षित होने पर बहुत लोगों को संदेह होता है।

25,000 लोगों की मौत की सौदागर कॉन्ग्रेस: आज ही के दिन सुप्रीम कोर्ट में खेला था गणित का ‘गंदा’ खेल

इस त्रासदी का 346 टन ज़हरीला कचरा अब भी भारत के लिए एक चुनौती बना हुआ है। ये कचरा कंपनी के कारख़ाने में कवर्ड शेड में मौजूद है। इसके ख़तरे को देखते हुए आम जन का प्रवेश यहाँ पर वर्जित है।

चुंबन दिवस विशेष: राफ़ेल ने कहा राहुल से ‘ज़हर है कि प्यार है तेरा चुम्मा’

लोकसभा में चर्चा हो गई, सवालों का जवाब दे दिया गया, सुप्रीम कोर्ट ने संतुष्टि जता दी, बिंदुवार आँकड़े दे दिए गए, कैग की रिपोर्ट आ गई, लेकिन राहुल का लिप-लॉक टूट ही नहीं रहा!

जब तक शेर अपनी कहानी खुद नहीं कहता शिकारी महान बना रहेगा

हज़ार वर्षों से हमलों के सामने प्रतिरोध की क्षमता ना छोड़ने वाले हिन्दुओं की कहानी लिखने वालों को पब्लिक कब ढूँढेगी?

चिदंबरम इंटरव्यू ‘कांड’: बेइज्जती सहेंगे लेकिन पैरवी उन्हीं की करेंगे

ज्योति मल्होत्रा को पी चिदंबरम ने जैसे धमकी दी, ऐसा अगर भाजपा के किसी मंत्री ने किया होता तो 'लोकतंत्र खतरे में' और 'मीडिया पर अंकुश' या 'सुपर-इमर्जेंसी' जैसा कुछ भयंकर ट्रेंड कर गया होता ट्विटर पर।

जम्मू-कश्मीर में लद्दाख को अलग डिवीज़न बनाने के क्या मायने हैं

राज्यपाल की मुहर के बाद अब लद्दाख डिविज़न का प्रशासनिक और रेवेन्यू मुख्यालय लेह में होगा जिसके बनने की तैयारी शुरू कर दी गई हैं। अब लेह में एक अलग डिविज़नल कमिश्नर और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस का पद और कार्यालय होंगे।

भारत में हिन्दू अल्पसंख्यकों को कब मिलेगा उनका हक़? माइनॉरिटीज़ कमीशन का फ़ैसला होगा हिंदुओं के पक्ष में!

लक्षद्वीप में 96%, जम्मू एवं कश्मीर में 68%, असम में 34% और पश्चिम बंगाल में 27% लोग मुस्लिम हैं, लेकिन वो अल्पसंख्यक हैं। पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों की जनसंख्या उतनी ही है, जितनी यमन और उज़्बेकिस्तान में।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें