इसके पीछे 2 सबसे स्पष्ट कारण नज़र आते हैं। पहला, राम मंदिर और दूसरा, विकास दुबे का एनकाउंटर। इन दोनों ही मुद्दों पर राजनीति कर सपा-बसपा ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहती है।
ये नव-उदारवादी बहरूपिए ऐयारों की तरह दुनिया भर में इस्लामिस्ट्स और कम्युनिस्ट मानव अधिकारों, महिला अधिकारों, अल्पसंख्यक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सहिष्णुता की वकालत करते नज़र आते हैं।
डोकलाम में दोनों सेनाओं के पीछे हटने के बाद राहुल गाँधी वीडियो लेकर इसलिए आए, क्योंकि ये चीनी सेना के समर्थन में हैं। उन्होंने चीन की गोद में बैठकर भारत सरकार की असफलताओं पर 'चर्चा' की।
जिस राहुल गाँधी को अपने पार्टी के भीतर ही आए दिन खिसक रहे विधायकों की कानों कान खबर नहीं लगती, वह भी रोज विदेश नीति और फॉरेन पॉलिसी पर ज्ञान दे रहे हैं।