पवार ने सतारा में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं भी मशीन के बारे में चिंतित हूं। हैदराबाद एवं गुजरात में कुछ लोगों ने एक ईवीएम मेरे सामने रखी और मुझसे एक बटन दबाने को कहा।’’
नरसिम्हा राव ने शांति भूषण के आग्रह पर किसी उच्चपदस्थ मंत्री से बात की थी लेकिन उधर से दंगों को रोकने के लिए सेना की तैनाती के संबंध में कोई उत्तर नहीं मिला जिसके बाद राव चुप हो गए थे तब शांति भूषण वहाँ से चले गए थे।
अभी हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ मारने की ख़बर सामने आई थी, इसी बीच कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह पर एक महिला द्वारा अपनी चप्पल (स्लीपर) मारने की ख़बर का ख़ुलासा हुआ है।
ककरहिया गाँव के बारे में बता दें कि इस गाँव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदर्श ग्राम योजना के तहत 23 अक्टूबर 2017 को गोद लिया गया था। इसके बाद गाँव में हुए विकास ने वहाँ के लोगों का जीवन बदल कर रख दिया।
सीपीएम कार्यकर्ताओं के इस कार्य के पीछे ममता बनर्जी और तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रति उनकी कट्टर विरोधी सोच है। जहाँ कॉन्ग्रेस बंगाल से लगभग साफ़ हो चुकी है और सीपीएम को लगातार आज़माने के बाद लोगों ने उसे उखाड़ फेंका, ममता विरोधी सीपीएम कैडर को भाजपा की मदद करने में फायदा दिख रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विवादित बयान देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘लतखोर' और 'धरनामंत्री’ कह डाला। उन्होंने केजरीवाल से सवाल करते हुए कहा कि AAP प्रमुख शहर की सरकार के मुखिया हैं अथवा धरना और प्रदर्शन के नेता हैं?
मेहमानों की सूची में राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गाँधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, उनकी विधवा माँ आर. मैनो, उनके भाई और एक मामा शामिल थे। साथ ही पूर्व सांसद अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया और उनके तीन बच्चे भी मौजूद थे।
जब थानेदार ने लड़के को झापड़ मारा, उस समय आसपास खड़े लोग उस लड़के का मज़ाक उड़ाते देखे जा सकते हैं। वीडियो में लोग उस लड़के को 'चौकीदार चोर है' बोलने को कह रहे हैं।
ममता बनर्जी ने आपको प्रधानमंत्री मानने से इंकार कर दिया है? इस पर मोदी ने तंज किया, "उन्हें पाकिस्तान का प्रधानमंत्री पीएम लगता है लेकिन भारत का पीएम उन्हें प्रधानमंत्री नहीं लगता। इसका जवाब देश की जनता देगी।"
2014 में मोदी के गहन प्रचार अभियान का कमाल ही था कि भाजपा पिछले 32 वर्षों में अपने दम पर बहुमत पाने वाली पहली पार्टी बनीं। इस बार मोदी के प्रचार अभियान को लेकर 2 से 3 संसदीय क्षेत्रों के कई समूह तैयार किए गए हैं, जहाँ मोदी रैली करते हैं और वहाँ उन सभी संसदीय क्षेत्रों के भाजपा प्रत्याशी मंच पर उपस्थित रहते हैं।