राजनीति

3 बड़े राज्यों में BJP को मात देने वाली कॉन्ग्रेस की हालत पतली: कारण ‘पुत्र-प्रेम’ और ‘प्रदेश निकाला’

MP में सिंधिया को तो छत्तीसगढ़ में 'महाराजा' को 'प्रदेश निकाला' दे दिया। गहलोत और कमलनाथ का ध्यान अपने पुत्र को जिताने पर। राजस्थान सहित तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद भाजपा की वापसी होती दिख रही है। समझिए सारे फैक्टर्स।

‘मेरी बेटी हारी तो लोगों का लोकतंत्र से विश्वास उठ जाएगा’

"पवार जानते हैं कि उनकी बेटी लोकसभा चुनाव हार रही है, इसलिए वह काफी सधे रूप से कदम उठा रहे हैं। वह EVM पर हार की जिम्मेदारी थोपने की तैयारी कर रहे हैं। चुनाव आयोग को सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सभी शंकाओं का निवारण करना चाहिए।"

राबड़ी देवी ने पूछा, लीची कैसे खाते हैं… ‘चारा कहीं भी कैसे भी खा लीजिए’ परेश रावल ने लिए मजे

राबड़ी देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गैर-राजनैतिक साक्षात्कार पर तंज कसा। इसके बाद भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल के साथ कई अन्य ट्विटर यूजर्स ने राबड़ी देवी और लालू यादव पर जमकर निशाना साधा।

मुश्किल में राहुल गाँधी: MHA के बाद विदेशी नागरिकता मामला अब सुप्रीम कोर्ट में, नामांकन रद्द की माँग

राहुल गाँधी की ब्रिटिश नागरिकता और उनके नाम (राउल विंची) को लेकर पहले भी विवाद उठ चुका है। गृह मंत्रालय ने बड़ा क़दम उठाते हुए राहुल गाँधी को नोटिस थमाकर उनसे अपनी विदेशी नागरिकता पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।

राहुल गाँधी के ‘झूठ’ पर EC ने जारी किया नोटिस, माँगा 48 घंटे में जवाब

आयोग ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को 48 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है। यदि राहुल गाँधी इस समय सीमा में जवाब नहीं देते हैं तो आयोग मामले पर अपनी तरफ़ से कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।

मेरे और सिद्दारमैया की अपील के बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने BJP को दिया वोट: JDS मंत्री

जीटी देवगौड़ा ने कहा कि उनके और सिद्दारमैया की अपील के बावजूद जेडीएस कार्यकर्ताओं ने उदपुर सीट पर भाजपा को वोट दिया। उनके अनुसार गठबंधन में देरी भी हुई और गठबंधन धर्म को ठीक से नहीं निभाया गया, इससे कार्यकर्ताओं में सही संकेत नहीं गया।

नेहरू के हजारों लाशों वाले कुम्भ से बदली नीयत वाली सरकार के कुम्भ तक: बदलाव हर तरफ

पंडित नेहरू जब प्रधानमंत्री थे। तब कुम्भ में भगदड़ मच गई थी। हजारों लोग कुचल के मारे गए थे। लेकिन सरकार की लाज बचाने के लिए, पंडित नेहरू पर कोई दाग न लग जाए, इसके लिए खबरें दबा दी गईं। कुछ अखबारों में कोने में खबर छिपा दी गई। इसमें पीड़ितों को भी कुछ नहीं दिया गया। ऐसा पाप देश के पहले प्रधानमंत्री के काल में हुआ।

शासक नहीं सेवक: PM मोदी की रैली के बाद खुद मैदान की सफाई करते दिखे देबजीत सरकार

PM मोदी ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए सेरामपुर की जनता से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। लेकिन, इन सब से ज्यादा चर्चा का विषय देबजीत सरकार द्वारा इस जनसभा के बाद की तस्वीरें बन गई हैं।

Breaking: वाराणसी से SP ‘प्रत्याशी’ तेज बहादुर की उम्मीदवारी रद्द, विरोधी सन्नाटे में

निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए दो नोटिसों का जवाब देने बुधवार (मई 01, 2019) दोपहर 11 बजे तेज बहादुर यादव अपने वकील के साथ RO से मिलने पहुँचे। जिसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने तेज बहादुर के नामांकन पत्र को खारिज कर दिया।

‘जब रावण की लंका में बुर्क़ा बैन हो सकता है तो राम की अयोध्या में क्यों नहीं’, भारत में उठी माँग

भारत में बुर्क़ा पर प्रतिबन्ध लगाने की माँग अकेले शिवसेना ने नहीं की है, हिन्दू सेना नामक संगठन ने भी गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर सार्वजानिक व निजी संस्थानों में सार्वजनिक तौर पर बुर्क़ा या नक़ाब के प्रयोग पर प्रतिबन्ध लगाने की माँग की है।

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