भारतीय गृह मंत्रालय ने बड़ा क़दम उठाते हुए राहुल गाँधी को नोटिस थमाकर उनकी विदेशी नागरिकता पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है जिसपर अभी तक राहुल ने जवाब नहीं दिया है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब जब मुंबई मिरर ने एक राजनीतिक नेता के ख़िलाफ़ अपमानजनक और अप्रिय टिप्पणी प्रकाशित की हो। पिछले साल, उन्होंने एक 'फ़ैशन ब्लॉगर' द्वारा एक कॉलम प्रकाशित किया था, जिसमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के ख़िलाफ़ बेहद ग़लत और अपमानजनक टिप्पणी लिखी थी।
केजरीवाल के आरोप का जवाब देते हुए विजय गोयल ने यह दावा किया है कि आप के 7 नहीं, बल्कि 14 विधायक उनके संपर्क में हैं। उनका कहना है कि आप पार्टी के भीतर घुटन का माहौल है, जिसकी वजह से पार्टी के नेता पार्टी से किनारा कर रहे हैं।
राफेल डील के सवाल पर राहुल गाँधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सभी नियमों को अनदेखा कर अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाया है, जिसकी जाँच होनी चाहिए। कॉन्ग्रेस पार्टी शुरू से ही इसकी जाँच की माँग कर रही है।
न्यायालय ने आयोग से कहा था कि पहले वह फिल्म को देखे फिर उसकी रिलीज़ पर निर्णय ले। निर्वाचन आयोग ने फिल्म को देखने के बाद अपने विचार न्यायालय के सामने रखे थे जिसके बाद न्यायालय ने आयोग के निर्णय को बरक़रार रखा था।
वीडियो में ये ग्रामीण बता रहे हैं कि साल 2014 के बाद राहुल ने दोबारा गाँव को मुड़के नहीं देखा। ग्रामीण की शिकायत है कि राहुल गाँधी उनके गाँव में कोई विकास कार्य नहीं किया है।
राहुल के भुंअन बाई के घर खाना खाने से पहचान तो मिली लेकिन जीवन की किसी समस्या का समाधान नहीं। टपरियन आज भी स्कूल, पेयजल की कमी, बेरोजगारी से दो-चार है।