Monday, July 15, 2024
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₹20 लाख के लिए सेना के कैप्टेन ने मारे 3 आतंकी: स्वरा भास्कर ने फैलाया झूठ, सेना ने कहा- फर्जी है यह

ये मामला जुलाई, 2020 में हुए एक एनकाउंटर का है। भारतीय सेना ने इस बात से इनकार किया है कि उसके कैप्टेन ने 20 लाख रुपए का इनाम पाने के लिए इस एनकाउंटर को अंजाम दिया, जैसा कि मीडिया में चलाया जा रहा है।

भारतीय सेना ने मीडिया द्वारा किए जा रहे उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा जा रहा था कि सैनिकों ने अम्शीपुरा एनकाउंटर (Amshipora Encounter) में 20 लाख रुपए की राशि के लिए आतंकवादियों को मारा। सेना ने सोमवार (जनवरी 11, 2021) को इस बात से इनकार किया है। सोशल मीडिया पर इस फर्जी खबर को फैलाने वालों में एक प्रमुख नाम कथित बालीवुड अभिनेत्री और ट्विटर ट्रोल स्वरा भास्कर का भी है।

सेना ने अपने बयान में कहा है कि यह दावा भारतीय सेना की प्रक्रियाओं के तथ्यों पर आधारित नहीं है। 3 युवकों को 2020 के जुलाई माह में आतंकवादी बताकर एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया गया था। घटना की जांच के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की तरफ से गठित विशेष दल ने अपनी चार्जशीट में कहा कि फर्जी एनकाउंटर के माध्यम से आरोपित कैप्टन भूपिंदर सिंह और दो अन्य नागरिकों- तबश नाजीर और बिलाल अहमद लोन ने वास्तविक अपराध के साक्ष्यों को जानबूझकर नष्ट किया।

ये मामला जुलाई, 2020 में हुए एक एनकाउंटर का है। भारतीय सेना ने इस बात से इनकार किया है कि उसके कैप्टेन ने 20 लाख रुपए का इनाम पाने के लिए इस एनकाउंटर को अंजाम दिया, जैसा कि मीडिया में चलाया जा रहा है। श्रीनगर में कर्नल राजेश कालिया ने कहा कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए या कॉम्बैट की स्थिति में जब जवानों के लिए ऐसे किसी इनाम की व्यवस्था ही नहीं है, फिर ये सवाल कैसे उठता है?

उन्होंने कहा कि मीडिया में चल रही ख़बरें भारतीय सेना के आंतरिक सिस्टम के तथ्यों के एकदम विपरीत हैं। इस मामले में तमाम आरोप लगने के बाद पहले ही भारतीय सेना कोर्ट इंक्वायरी के लिए हरी झंडी दिखा चुकी है। मीडिया की रिपोर्ट्स में जम्मू कश्मीर पुलिस की चार्जशीट के आधार पर ये दावे किए जा रहे थे, लेकिन साथ ही ये भी कहा जा रहा था कि उनके पास चार्जशीट की कॉपी उपलब्ध नहीं है।

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने रिपोर्ट को क्वोट करते हुए लिखा कि पहले तो भारतीय सेना ने कहा कि उसने तीन आतंकियों को मार गिराया, जबकि उसके बाद उसने खुद माना कि AFSPA 1990 के तहत उसे जो विशेष अधिकार दिए गए हैं, उसका उल्लंघन किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने सैड वाली इमोजी में डाली। सैयद अता हसनैन ने भी कहा है कि सेना में इस तरह के रिवार्ड्स का कोई सिस्टम ही नहीं है।

हाल ही में स्वरा भास्कर ने एक और झूठ फैलाया था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें एक व्यक्ति किसानों को लेकर भारतीय सेना के जवानों को भड़काता हुआ नज़र आ रहा था। स्वरा ने इस वीडियो को आगे बढ़ाया, जो एक सेना के जवान का नहीं बल्कि पंजाबी अभिनेता का निकला। उक्त व्यक्ति ने केंद्र सरकार को सीधी धमकी देते हुए सेना में भी बगावत की बात कही थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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