Sunday, July 21, 2024
Homeफ़ैक्ट चेकराजनीति फ़ैक्ट चेक'आज गाँव, गरीब, मजदूर और किसान दुखी हैं…': कॉन्ग्रेस ने शेयर किया नितिन गडकरी...

‘आज गाँव, गरीब, मजदूर और किसान दुखी हैं…’: कॉन्ग्रेस ने शेयर किया नितिन गडकरी का ‘खतना’ वीडियो, करवा ली खुद की बेइज्जती

कॉन्ग्रेस ने दिखाना चाहा कि ये केंद्रीय मंत्री ने मोदी सरकार के खिलाफ कहा है। हालाँकि हकीकत यह थी कि वो पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए कह रहे थे कि उनकी सरकार आने के बाद इनपर बहुत काम किया गया।

कॉन्ग्रेस के झूठ बोलने की आदत की अब कोई सीमा नहीं रह गई। वह अपने प्रचार के लिए किसी भी हद तक नीचे जाने को तैयार हो गए हैं। हाल में उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की इंटरव्यू वीडियो की क्लिप शेयर करके ऐसा ही काम किया। उन्होंने आज सुबह 1 मार्च को एक 19 सेकेंड की वीडियो साझा की।

इस वीडियो में नितिन गडकरी को बोलते दिखाया गया कि आज गाँव, गरीब, मजदूर और किसान दुखी हैं। गाँव में अच्छे रोड नहीं हैं, पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं है, अच्छे अस्पताल नहीं हैं, अच्छे स्कूल नहीं।

इस वीडियो को शेयर करते हुए कॉन्ग्रेस ने ऐसा दिखाया जैसे नितिन गडकरी ने ये कहकर मोदी सरकार के कार्यों की पोल खोली हो। लेकिन इस वीडियो और कॉन्ग्रेस की ओछी हरकत की असलियत क्या है ये लल्लनटॉप की पूरी वीडियो देखने पर पता चलती है। 1 घंटे 42 सेकेंड की इस वीडियो में 15 मिनट के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को इस पर बात करते देखा जा सकता है।

पूरी वीडियो में क्या कहा गया

वीडियो में 15:20 से 15:45 के स्लॉट में उनसे पत्रकार सौरभ द्विवेदी किसानों से संबंधित सवाल पूछते हैं जिसके बाद नितिन गडकरी उन्हें इसका उत्तर देते हैं। इसी वीडियो में 18 मिनट 07 सेकेंड के स्लॉट के बाद दौरान वह बताते हैं,

“कृषि पर जो पॉपुलेशन डिपेंड है वो 65 प्रतिशत है जब गाँधी जी थे जब 90% की आबादी गाँव में रहती थी और धीरे-धीरे 30% पलायन क्यों हुआ। इसका मतलब है कि आज गाँव गरीब, मजदूर, किसान दुखी है। इसका कारण है कि जल जंगल जमीन और जानवर… ये जो ग्रामीण इकोनॉमी है यहाँ अच्छे रोड नहीं है, पीने के लिए पानी नहीं है, अच्छा अस्पताल नहीं है, अच्छा स्कूल नहीं है, किसान के फसल को अच्छे भाव नहीं है… ऐसा नहीं है कि यहाँ विकास नहीं हुआ, लेकिन जिस हिसाब से बाकी जगह हुआ है उतना नहीं है। हमारी सरकार आने के बाद हम इसपर बहुत काम कर रहे हैं। ऐसे ब्लॉक निकाले गए हैं जहाँ विशेष रूप से कार्य करने की जरूरत है।”

अब इस वीडियो से साफ है कि गडकरी के बयान पर जो झूठ फैलाने का काम हो रहा है वो सरासर भ्रामक है। असल में केंद्रीय मंत्री ये बता रहे थे कि पलायन इसलिए हुआ क्योंकि उन्हें अच्छे संसाधन नहीं मिले और उनकी सरकार इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण रूप से काम कर रही है। न कि वो ये कह रहे हैं कि मोदी सरकार में देश के ये हालात हैं।

कॉन्ग्रेस के इस झूठ के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर खूब लताड़ लग रही है। उनके पूछा जा रहा है कि वो क्यों वीडियो का खतना करके उसे शेयर कर रहे हैं। यूजर्स उन्हें फेक न्यूज फैलाने वाली पार्टी कह रहे हैं। साथ ही कहा जा रहा है कि वीडियो में बात गाँधी के समय के बाद की है जब कॉन्ग्रेस सत्ता में थी ऐसे में तो इसलिए उन्हें मोदी सरकार पर सवाल उठाने से पहले खुद के गिरेबान में देखना चाहिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आजादी के वक्त थे 3 मुस्लिम बहुल जिले, अब 9 हैं: बंगाल BJP प्रमुख ने कहा- असम और बंगाल में डेमोग्राफी बदलाव सोची-समझी रणनीति,...

बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने असम के सीएम हिमंता के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने डोमोग्राफी बदलाव की बात कही थी।

शुक्र है मीलॉर्ड ने भी माना कि वो इंसान हैं! चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखने को मद्रास हाई कोर्ट ने नहीं माना था अपराध, अब बदला...

चाइल्ड पोर्नोग्राफी को अपराध नहीं बताने वाले फैसले को मद्रास हाई कोर्ट के जज एम. नागप्रसन्ना ने वापस लिया और कहा कि जज भी मानव होते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -