ऑपरेशन पुश-बैक के अभियान में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स (BGB) भी है। कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए निचले तबके के लोग सीमा पर पहुँच रहे।
अहियापुर के तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने 19 लोगों को नामजद किया है। इनमें संतोष यादव और मनोज यादव के राजनीतिक संबंध सामने आए हैं। इसे लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है।
हीबा खातून ने माँ काली के लिए अभद्र शब्द बोले थे। वहीं कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उसने लिखा था- वैसे काली और दुर्गा तो नं$% होती हैं इसका मतलब ये सब नंगी रहना चाहती हैं।
भारतीय सेना में कमांडिंग अफसर सैमुअल कमलेसन की सेवा बहाल नहीं की जाएगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने अफसर की सेवा में बहाली की माँग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
ऑपरेशन शील्ड मॉक ड्रिल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद की पहली नागरिक सुरक्षा अभ्यास है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जिसके बाद यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई है।
पाकिस्तान पर संवेदना जताने के बाद कोलंबिया ने बयान वापस लिया, भारत का समर्थन किया, यह भारतीय कूटनीति की प्रभावशीलता और वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति दर्शाता है।
आज के युग में क्यों प्रासंगिक हैं अहिल्याबाई होल्कर? आज जब राजनीति, प्रशासन और धर्म - तीनों में नैतिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है, तब अहिल्याबाई जैसी विभूतियाँ प्रेरणा देती हैं कि ईमानदारी, त्याग और सेवा भाव से भी शासन चलाया जा सकता है।
मोहम्मद कासिम भी ज्योति मल्होत्रा से जुड़े पाकिस्तानी एंबेसी में तैनात ISI एजेंट एहसान-उर-रहमान उर्फ दानिश के संपर्क में था। वो दानिश को सेना से जुड़ी जानकारियाँ देता था।
हमारे देश में आरक्षण की वजह से हर वर्ष लाखों होनहार और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएँ उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी जैसे देशों का रुख करते हैं। वे वहीं शिक्षा अर्जित करते है और फिर वहीं बस जाते हैं।
शशि थरूर ने पीएम मोदी की बात कहते हुए कहा, " पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर जरूरी था, क्योंकि आतंकवादी आए और मासूम लोगों को मार डाला, 26 महिलाओं का सिंदूर मिटा दिया"
ये स्वस्तिक को नाजी प्रतीक समझकर इससे घृणा करने वाली ब्रेनवॉश्ड बच्ची की कहानी है। कूल दिखने के चक्कर में पश्चिमी सभ्यता के आगोश में जाकर ईसाई धर्मांतरण की तरफ बढ़ रहे ब्रेनवॉश्ड किशोर की कहानी है।
अवैध घुसपैठियों के सिंडिकेट से जुड़े लोग भारत में एंट्री करवाने से लेकर उनके फर्जी दस्तावेज बनवाने, उन्हें दिल्ली तक पहुँचाने और यहाँ तक की नौकरी दिलवाने तक में भी मदद करते हैं।