20 साल पुराने निर्जन टापू पर रखे जाएँगे 1 लाख रोहिंग्या मुसलमान, चारों तरफ फैला है पानी

अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में स्थित इस द्वीप में बाढ़ से बचाव के लिए मकान, अस्पताल और मस्जिदें बनाई गई हैं। अगस्त 2017 के बाद लगभग 700,000 रोहिंग्या म्यामांर से बांग्लादेश आए हैं।

म्यांमार से भाग कर बांग्लादेश पहुँचे रोहिंग्या मुसलमानों में से 100,000 शरणार्थियों को अब सरकार ‘भसन चार’ नाम के बांग्लादेशी द्वीप पर रखने के लिए तैयार है। अधिकारियों ने गुरुवार (जनवरी 16, 2019) को इसकी जानकारी दी। हालाँकि फिलहाल इन शरणार्थियों को द्वीप पर भेजने के तारीख की घोषणा नहीं की गई है। बता दें कि भसन चार एक छोटा सा निर्जन द्वीप है, जिस पर बाढ़ और तूफान आने का खतरा हमेशा ही बना रहता है। इस द्वीप के चारों ओर पानी ही पानी फैला है।

अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में स्थित इस द्वीप में बाढ़ से बचाव के लिए मकान, अस्पताल और मस्जिदें बनाई गई हैं। बांग्लादेश शरणार्थी, राहत और प्रत्यावर्तन आयोग के प्रमुख महबूब आलम तालुकदार ने बताया, “लोगों को भसन चार में रखने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यहाँ पर सारी व्यवस्थाएँ कर दी गईं हैं।”

इस द्वीप को केवल उन लाखों रोहिंग्या मुसलमानों में से 100,000 शरणार्थियों के लिए तैयार किया गया है, जो म्यांमार से यहाँ आए हैं। बता दें कि अगस्त 2017 के बाद लगभग 700,000 रोहिंग्या म्यामांर से बांग्लादेश आए हैं। जानकारी के मुताबिक, विदेशी मीडिया को भसन चार में जाने से प्रतिबंधित किया गया है। बांग्लादेश के एक स्वतंत्र पत्रकार सालेह नोमान, जिन्होंने हाल ही में द्वीप का दौरा किया था, ने वहाँ के समुदाय के बारे में बताया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

सालेह नोमान ने कहा, “मैंने वहाँ के मार्केट में लगभग 10 किराने की दुकानों और सड़क के किनारे चाय की दुकानों को देखा। कुछ लोग मछली और सब्जियाँ भी बेच रहे थे। वहाँ पर सोलर पावर सिस्टम और वाटर सप्लाई लाइन के साथ ही सारी व्यवस्था कर दी गई है।” बता दें कि करीब 20 साल पहले बंगाल की खाड़ी में यह द्वीप सतह पर उभरकर आया था। इस निर्जन द्वीप पर मानसून में हमेशा बाढ़ का खतरा बना रहता है।

गौरतलब है कि महबूब आलम तालुकर ने अक्टूबर 2019 में कहा था कि वो अगले महीने की शुरुआत तक पुनर्वास शुरू करना चाहते हैं। न्यूज़ एजेंसी रायटर्स से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि शरणार्थियों को विभिन्न चरणों में स्थानांतरित किया जाएगा।

यह खबर ऐसे वक़्त में सामने आई है जब अंडमान निकोबार द्वीप समूह में रोहिंग्या मुसलमान घुसते पकड़े गए हैं। सोमवार (जनवरी 13, 2020) को पुलिस को सूचना मिली थी कि तरमुगली द्वीप पर कुछ संदिग्ध लोगों को नाव के साथ देखा गया। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 66 लोगों को हिरासत में लिया, जो बाद में रोहिंग्या मुस्लिम निकले। हिरासत में लिए गए सभी आरोपित बांग्लादेश से आए थे।

बांग्लादेश ने अब और रोहिंग्या शरणार्थियों को लेने से किया इंकार

भारत में हमले का बड़ा प्लान: 40 रोहिंग्या मुसलमानों का दस्ता, पाकिस्तान दे रहा ट्रेनिंग

बांग्लादेशी या रोहिंग्या मुसलमान इस देश का नहीं है, उसकी पहचान कर, अलग करना समय की माँग

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

मोदी, उद्धव ठाकरे
इस मुलाकात की वजह नहीं बताई गई है। लेकिन, सीएम बनने के बाद दिल्ली की अपनी पहली यात्रा पर उद्धव ऐसे वक्त में आ रहे हैं जब एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के साथ अनबन की खबरें चर्चा में हैं। इससे महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियॉं अचानक से तेज हो गई हैं।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

153,901फैंसलाइक करें
42,179फॉलोवर्सफॉलो करें
179,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: