Homeविविध विषयअन्यदिल्ली में मिली अंग्रेजों के जमाने की रहस्यमयी सुरंग, विधानसभा को लाल किले से...

दिल्ली में मिली अंग्रेजों के जमाने की रहस्यमयी सुरंग, विधानसभा को लाल किले से जोड़ती है: जानिए, इसके बारे में सबकुछ

विधानसभा अध्यक्ष ने इस सुरंग का नवीनीकरण अगले साल 15 अगस्त तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद जताई है।

दिल्ली में एक रहस्यमयी सुरंग मिली है। यह अंग्रेजों के जमाने का बताया जा रहा है। यह विधानसभा भवन को लाल किले से जोड़ती है। इस सुरंग के पता लगाने की पुष्टि खुद विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने की है।

गोयल ने बताया कि सुरंग के मुँह की अधिकारियों ने पहचान कर ली है। लेकिन इसे अब आगे नहीं खोदा जाएगा। दिल्ली विधानसभा से लाल किले की दूरी करीब 5 किलोमीटर है।

गोयल के अनुसार बाद में हुए निर्माण कार्यों की वजह से इस सुरंग के रास्ते भी कई जगह नष्ट हो चुके हैं। अधिकारियों ने इस सुरंग का नवीनीकरण कर इसे सार्वजनिक करने की योजना बनाई है। इस सुरंग का इस्तेमाल अंग्रेज स्वतंत्रता सेनानियों को कोर्ट ले जाते समय विरोध से बचने के लिए करते थे।

विधानसभा अध्यक्ष ने इस सुरंग का नवीनीकरण अगले साल 15 अगस्त तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस रहस्यमयी सुरंग को अब एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली विधानसभा भवन का निर्माण 1912 में ब्रिटिश शासन के दौरान किया गया था।

ऐसा पहली बार नहीं है जब दिल्ली विधानसभा के नीचे खुफिया सुरंग मिली हो। इससे पहले 5 मार्च 2016 को भी ऐसी सुरंग मिली थी। उसकी लंबाई भी करीब सात किलोमीटर थी और वो भी विधानसभा से लाल किले तक जाती थी। गोयल के मुताबिक जब वे पहली बार 1993 विधायक बने थे तो लोगों ने उन्हें इसके बारे में बताया था। हालाँकि उस वक्त सुरंग को लेकर कुछ स्पष्ट पता नहीं चल पाया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -