Wednesday, May 25, 2022
Homeविविध विषयअन्य'गहरी साँस ले और नाम बोल डाल': रिद्धिमान साहा से बोले सहवाग और वेंकटेश...

‘गहरी साँस ले और नाम बोल डाल’: रिद्धिमान साहा से बोले सहवाग और वेंकटेश प्रसाद- पत्रकार का नाम लेना जरूरी

"गलत को सहना, गलत करने से बड़ा अपराध होता है। ये तुम्हारा कर्तव्य है कि गलत के खिलाफ लड़ो। बहुत जरूरी है कि आप उसका नाम लो। इससे एक अच्छा उदाहरण बनेगा।"

वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) और वेंकटेश प्रसाद (Venkatesh Prasad) जैसे पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को उस पत्रकार का नाम सार्वजनिक करने की सलाह दी है, जिसने उन्हें धमकी दी थी। इससे पहले साहा ने नाम बताने से इनकार करते हुए पोस्ट किया था कि वे उस पत्रकार का करियर बर्बाद नहीं करना चाहते।

साहा के पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए सहवाग ने लिखा, “प्रिय रिद्धि, दूसरों को नुकसान पहुँचाना तुम्हारा स्वभाव नहीं है। तुम बहुत ही अच्छे व्यक्ति हो। लेकिन भविष्य में किसी और को इस तरह के नुकसान से बचाने के लिए आपके लिए नाम लेना जरूरी है। गहरी साँस ले और नाम बोल डाल।”

वहीं वेंकटेश प्रसाद ने श्रीमद् भगवद गीता का उद्धरण देते हुए कहा, “गलत को सहना, गलत करने से बड़ा अपराध होता है। ये तुम्हारा कर्तव्य है कि गलत के खिलाफ लड़ो। बहुत जरूरी है कि आप उसका नाम लो। इससे एक अच्छा उदाहरण बनेगा।”

इससे पहले साहा ने ट्विटर के जरिए अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था, “मैं दुखी हूँ। मैंने सोचा इस तरह के व्यवहार को सहन नहीं किया जाना चाहिए औऱ मैं नहीं चाहता कि किसी को इस तरह की धमकी मिले। इसलिए मैंने उन लोगों के चैट को उजागर करने का फैसला किया है, लेकिन उसके नाम का खुलासा नहीं करूँगा।”

अपने अगले ट्वीट में साहा ने कहा कि वो नहीं चाहते हैं कि उनके कार्य से किसी को दुख पहुँचे। साहा का कहना था कि वो किसी के कैरियर को तबाह नहीं करना चाहते हैं। मैं उसके परिवार को देखते हुए उसके नाम का खुलासा नहीं कर रहा हूँ, लेकिन दोबारा से ऐसा किया गया तो मैं पीछे नहीं हटूँगा। इसके साथ ही साहा ने उन सभी लोगों का भी धन्यवाद किया था, जो उनके समर्थन के लिए आगे आए थे।

गौरतलब है कि रिद्धिमान साहा को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से बाहर कर दिया गया है। इसके बाद यह पूरा वाकया सामने आया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मुस्लिम छात्रों के झूठे आरोपों पर अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी ने किया निलंबित’: हिन्दू छात्र का आरोप – मिली धर्म ने समझौता न करने की...

तिवारी और उनके दोस्तों को कॉलेज में सार्वजनिक रूप से संघी, भाजपा के प्रवक्ता और भाजपा आईटी सेल का सदस्य कहा जाता था।

आतंकी यासीन मलिक को उम्रकैद: टेरर फंडिग में सजा के बाद बजे ढोल, श्रीनगर में कट्टरपंथियों ने की पत्थरबाजी

कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के आरोपित यासीन मलिक को टेरर फंडिंग केस में 25 मई को सजा मुकर्रर हुई।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
188,790FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe