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अटलांटिक में ‘डेथ क्रूज’ बना MV होंडियस, हंता वायरस ने ली 3 की जान: जानें- आखिर कितना खतरनाक है यह संक्रमण, WHO ने जारी की ग्लोबल एडवाइजरी

हंता वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपने घर और आसपास चूहों को न आने दें। अगर कहीं चूहों की गंदगी साफ करनी हो, तो वहाँ सूखी झाडू बिल्कुल न लगाएँ, क्योंकि इससे वायरस हवा में फैल सकता है।

अटलांटिक महासागर की लहरों के बीच एक आलीशान सफर उस समय खौफनाक मंजर में बदल गया, जब एक लग्जरी क्रूज शिप पर ‘हंता वायरस’ ने हमला कर दिया। MV होंडियस नाम के इस जहाज पर सवार 155 लोगों के लिए यह छुट्टियाँ किसी बुरे सपने जैसी बन गई हैं।

अब तक इस वायरस की चपेट में आने से 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है।

लग्जरी क्रूज पर मातम का साया

यह दुखद वाकया ‘MV होंडियस‘ नाम के एक आलीशान जहाज का है। लोग लाखों रुपए खर्च करके अटलांटिक महासागर की सैर पर निकले थे। जहाज 20 मार्च को अर्जेंटीना से रवाना हुआ और उसे 4 मई को केप वर्डे पहुँचना था।

लेकिन बीच रास्ते में ही अचानक लोग बीमार पड़ने लगे और पता चला कि जहाज पर खतरनाक इन्फेक्शन फैल गया है। अब हालात ये हैं कि जहाज समुद्र के बीचों-बीच फँसा हुआ है और उसे किनारे पर आने की इजाजत नहीं मिल रही। जहाज पर सवार यात्री बुरी तरह डरे हुए हैं और उन्हें नहीं पता कि वे कब सुरक्षित अपने घर पहुँच पाएँगे।

मौत का सिलसिला और दहशत

इस वायरस की चपेट में सबसे पहले हॉलैंड के रहने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति आए, जिनकी 11 अप्रैल को जहाज पर ही मौत हो गई। उनके बाद उनकी पत्नी की भी तबीयत बिगड़ी और दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। जाँच में पुष्टि हुई कि उन्हें हंता वायरस था।

अब तक इस संक्रमण से तीन लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक जर्मनी का नागरिक भी शामिल है। जहाज पर मौजूद 155 लोगों में से कई और यात्रियों में भी इसके लक्षण दिख रहे हैं। हालत इतनी खराब है कि क्रू मेंबर्स भी बीमार पड़ रहे हैं और दो सदस्यों को सांस लेने में दिक्कत होने की वजह से तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी पड़ी है।

इन्फ्लुएंसर की आँखों देखी दास्ताँ

जहाज पर फँसे लोगों की आपबीती जेक रोसमारिन नाम के एक ट्रैवल ब्लॉगर ने दुनिया को बताई है। जेक ने इंटरनेट पर एक Video डाला है, जिसमें वे रोते हुए अपना दर्द बयाँ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ अखबार की कोई खबर नहीं हैं, बल्कि जीते-जागते इंसान हैं जिनके परिवार वाले घर पर उनका इंतजार कर रहे हैं।

जेक ने बताया कि जहाज पर किसी को कुछ पता नहीं चल रहा है कि आगे क्या होगा, जिससे हर कोई बहुत डरा हुआ है। उनका यह भावुक Video अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग उनके लिए दुआएँ माँग रहे हैं।

क्या है यह हंता वायरस?

हंता वायरस वैसे तो पुराना है, लेकिन यह बहुत खतरनाक और जानलेवा है। यह वायरस मुख्य रूप से चूहों और उनके जैसे छोटे जानवरों से फैलता है। इंसानों के शरीर में जाने के बाद यह दो तरह से हमला करता है या तो यह फेफड़ों को खराब कर देता है या फिर किडनी को पूरी तरह फेल कर देता है।

सबसे ज्यादा डर की बात यह है कि इससे मौत होने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। अमेरिका जैसे देशों में इस संक्रमण की चपेट में आने वाले आधे मरीजों की जान बचाना भी मुश्किल हो जाता है।

कैसे फैलता है यह जानलेवा संक्रमण?

हंता वायरस सीधे तौर पर चूहों से फैलता है। अगर कोई व्यक्ति चूहों की गंदगी, पेशाब या लार के संपर्क में आता है, तो वह बीमार पड़ सकता है। यह वायरस हवा के जरिए भी शरीर में जा सकता है। उदाहरण के लिए, अगर चूहों की गंदगी वाली जगह पर झाड़ू लगाई जाए, तो हवा में उड़ने वाली धूल के साथ यह वायरस सांस के रास्ते फेफड़ों तक पहुँच जाता है।

कभी-कभी चूहे के काटने से भी यह संक्रमण हो सकती है। अच्छी बात यह है कि यह कोरोना की तरह एक इंसान से दूसरे इंसान में आसानी से नहीं फैलता, हालाँकि कुछ खास किस्म के हंता वायरस बहुत कम मामलों में एक व्यक्ति से दूसरे में जा सकते हैं।

पहचानिए हंता वायरस के लक्षण

हंता वायरस के लक्षण शुरू में साधारण बुखार या फ्लू जैसे लगते हैं, इसलिए इसे पहचानना मुश्किल होता है। संक्रमण के संकेत दिखने में एक से आठ हफ्ते का समय लग सकता है। शुरुआत में मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी-दस्त और पेट में दर्द जैसी शिकायतें होती हैं।

लेकिन कुछ ही समय बाद यह संक्रमण जानलेवा हो जाती है। अचानक फेफड़ों में पानी भर जाता है, जिससे सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगती है और ब्लड प्रेशर गिर जाता है। अगर सही समय पर डॉक्टर की मदद न मिले, तो मरीज का दिल काम करना बंद कर सकता है और उसकी जान जा सकती है।

WHO की एडवायजरी और वैश्विक रिस्क

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस मामले को लेकर काफी अलर्ट है और प्रभावित देशों की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। WHO का कहना है कि इस जहाज पर हालात काफी गंभीर हैं क्योंकि बीमार पड़े 7 लोगों में से 3 की मौत हो चुकी है।

हालाँकि, राहत की बात यह है कि दुनिया के बाकी लोगों के लिए अभी डरने वाली बात नहीं है, क्योंकि यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में बहुत मुश्किल से फैलता है। इसलिए इसके महामारी बनने का खतरा कम है, लेकिन जहाज जैसी बंद जगहों पर जहाँ लोग करीब रहते हैं, वहाँ बहुत ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है।

सुरक्षा के उपाय: खुद को कैसे बचाएँ?

हंता वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपने घर और आसपास चूहों को न आने दें। अगर कहीं चूहों की गंदगी साफ करनी हो, तो वहाँ सूखी झाडू बिल्कुल न लगाएँ, क्योंकि इससे वायरस हवा में फैल सकता है।

सफाई से पहले उस जगह पर फिनाइल या सैनिटाइजर छिड़ककर उसे गीला कर लें और मास्क-दस्ताने जरूर पहनें। अपने खाने-पीने के सामान को हमेशा ढककर रखें। चूंकि इस संक्रमण का अब तक कोई टीका (वैक्सीन) नहीं बना है, इसलिए चूहों से दूरी बनाए रखना ही खुद को सुरक्षित रखने का इकलौता तरीका है।

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