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‘चोर औरंगजेब’ की मौत को लेकर खौफ में हिंदू परिवार, व्यापार समेटकर कहीं और बसने की तैयारी: ऑपइंडिया को बताया अलीगढ़ में अब क्यों नहीं रहना चाहते

खुद प्रेमा देवी का दावा है कि वह मामू-भांजे इलाके में 2 दुकान खरीद कर कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन अब वो ऐसा नहीं करेंगी। प्रेमा देवी अपने परिवार को लेकर मामू-भांजा इलाके से कहीं दूर बसने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि न्याय के हिसाब से यह हत्या नहीं, बल्कि गैर-इरादतन हत्या की घटना है। कार्रवाई भी इन्हीं धाराओं में चाहिए।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित गाँधी पार्क इलाके में मंगलवार (18 जून) को मोहम्मद फरीद उर्फ़ औरंगज़ेब की मौत के बाद 10 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इसमें से 6 आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। अधिकतर आरोपित मामू-भांजा मार्किट के कारोबारी हैं।

मृतक को चोर और अपने परिजनों को बेकसूर बताते हुए आरोपितों के परिजनों ने अपना कारोबार समेटने और इलाके से पलायन करने के एलान दिए हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए उन्होंने खुद को पुलिस और चोर-डकैतों की तरफ से पड़ रही दोहरी मार का शिकार बताया है।

यहीं लिया जन्म, लेकिन अब बुढ़ापे में चला जाऊँगा कहीं और

औरंगज़ेब मौत मामले में जेल भेजे गए मोहित मित्तल के 76 वर्षीय पिता ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने कहा कि औरंगजेब चोर था। इस बात को सुनने को कोई तैयार नहीं है। कहा जा रहा है कि घटना के दिन औरंगजेब ने मोहित के ही घर में चोरी की थी। मोहित के पिता का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में इलाके में मुस्लिमों की तादाद में भारी इजाफा हुआ है।

उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने उसके पक्ष की नहीं सुनी। मोहित के पिता अपने बेटे से जेल में मिलकर आए थे। वो काफी भावुक थे और हमसे बात करते हुए रो पड़े। उन्होंने कहा कि भले ही 76 साल पहले उनका जन्म मामू-भांजा इलाके में हुआ, लेकिन अब वो कहीं और बसने का प्लान बना रहे हैं। इसकी वजह उन्होंने अगली पीढ़ी को होने वाली परेशानी बताई।

लेने वाली थी दुकान, पर अब समेट लेंगे कारोबार

इस मामले में अंकित वार्ष्णेय को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अंकित पर भी औरंगज़ेब की पिटाई और हत्या का आरोप लगाया गया है। अंकित की 65 वर्षीया दादी प्रेमा देवी ने ऑपइंडिया से बात की। प्रेमा देवी का दावा है कि लोगों ने औरंगजेब को जीवित हालत में पुलिस सौंपा था, लेकिन बाद में उसे कैसे और क्या हो गया ये संदिग्ध है।

प्रेमा देवी मृतक को चोर नहीं, बल्कि डकैत बता रही थीं। उनका यह भी दावा है कि 4-5 लोग मिलकर मित्तल परिवार के घर में घुस गए थे। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि अगर कोई घर में घुसकर लूटपाट कर रहा हो और बहन-बेटियों को छेड़ रहा हो तो क्या उसे माला पहनाई जाए? उन्होंने कहा कि इलाके में चोरी की घटनाओं से कारोबार बहुत प्रभावित हुआ है।

खुद प्रेमा देवी का दावा है कि वह मामू-भांजे इलाके में 2 दुकान खरीद कर कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन अब वो ऐसा नहीं करेंगी। प्रेमा देवी अपने परिवार को लेकर मामू-भांजा इलाके से कहीं दूर बसने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि न्याय के हिसाब से यह हत्या नहीं, बल्कि गैर-इरादतन हत्या की घटना है। कार्रवाई भी इन्हीं धाराओं में चाहिए।

हम पर रहम करे सरकार

औरंगजेब मामले में राहुल मित्तल भी नामजद हैं। राहुल मित्तल स्टाम्प पेपर आदि बेचकर अपने परिवार का गुजारा चलाते हैं। घर में उनकी पत्नी और वयोवृद्ध पिता हैं। राहुल मित्तल के पिता की दोनों आँखें खराब हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा बेगुनाह है। उन्होंने दावा किया कि घटना के दिन शोर-शराबा सुनकर उन्हें महसूस हुआ था कि उनके घर में कुछ लोग जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे।

अब कोई पड़ोसी मार भी डाला जाए तो मदद करने में लगेगा डर

औरंगज़ेब की हत्या में नामजद आरोपितों में 60 वर्षीय कमल बंसल भी शामिल हैं। कमल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कमल की पत्नी और बड़े बेटे पुश्किन बंसल ने ऑपइंडिया से बात की। पुश्किन बंसल का दावा है कि उनके पिता ने पूरे जीवन भर बिना जाति-धर्म देखे सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर लोगों की मदद की।

उनका दावा है कि जेल भेजे गए 60 वर्षीय पिता पथरी के अलावा ब्लड प्रेशर व कई अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। इनका परिवार किराने की एक छोटी-सी दुकान से पल रहा था, जो कमल की गिरफ्तारी के बाद से बंद है। कमल के बेटे ने कहा कि चोर-चोर की आवाज सुनकर उनके पिता ही नहीं, बल्कि मोहल्ले के तमाम लोग घटनास्थल पर गए थे।

पुश्किन बंसल का कहना है कि वे मुसीबत में फँसे किसी व्यक्ति की मदद करने की सोच लेकर वे बाहर गए थे। उन्होंने कहा कि औरंगजेब की घटना से अब उनके मन-मस्तिष्क में इतना डर बैठ गया है कि अगर पड़ोस में किसी व्यक्ति को कोई मार भी डाले तो शायद ही वो मदद के लिए बाहर निकल पाएँ। कमल बंसल का छोटा बेटा जन्मजात दिव्यांग है। वह चलने-फिरने में असमर्थ है।

फ़िलहाल कमल के जेल जाने के बाद परिजनों ने दवाओं तो दूर जमानत आदि के लिए भी पैसे जुटाने में खुद को असमर्थ बताया है। जब हमने पूछा कि कमल बंसल के जेल में रहते हुए घर कैसे चलेगा तो उनकी पत्नी और बेटे ने घर में रखी भगवान कृष्ण की मूर्ति की तरफ इशारा किया और कहा, “तब तक घर यही चलाएँगे।”

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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