Saturday, July 20, 2024
Homeदेश-समाजसरस्वती पूजा पर DJ बजा तो होगी FIR… कॉलेजों में पूजा करने पर भी...

सरस्वती पूजा पर DJ बजा तो होगी FIR… कॉलेजों में पूजा करने पर भी रोक: बिहार के समस्तीपुर और मधेपुरा का हाल, छात्र भड़के

उधर मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में सरस्वती पूजा पर रोक लगाने से छात्र नाराज हैं। सरस्वती पूजा 26 जनवरी 2023 को है। कॉलेज के प्रिंसिपल को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उन्होंने लिखित आदेश निकालकर इस पर तत्काल रोक लगा दी।

अगले कुछ दिनों में होने वाली सरस्वती पूजा (Saraswati Puja) को लेकर प्रशासन द्वारा जारी किए निर्देश को लेकर बिहार में बवाल हो गया है। मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में सरस्वती पूजा पर रोक लगा दिया गया है। इस फैसले से छात्र भड़क गए हैं। वहीं, समस्तीपुर में जिलाधिकारी ने DJ बजाने पर FIR की धमकी दी है।

समस्तीपुर के जिलाधिकारी योगेश सिंह और एसपी विनय तिवारी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद निर्णय लिया है। एसपी ने कहा कि पूजा के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। डीजे बजाने वाले आयोजकों के साथ-साथ साउंड सिस्टम मालिक पर प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

जिला प्रशासन ने सभी थानाध्यक्षों को पूजा पंडालों सभी संवेदनशील स्थानों और मूर्ति विसर्जन वाले स्थानों को चिन्हित कर निगरानी करने का निर्देश दिया हैं। वहीं, पूजा के दौरान उपद्रव करने वाले संभावित तत्वों पर धारा 107 की कार्रवाई करने एवं बॉण्ड भराने कराने का भी आदेश दिया है।

उधर मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में सरस्वती पूजा पर रोक लगाने से छात्र नाराज हैं। सरस्वती पूजा 26 जनवरी 2023 को है। कॉलेज के प्रिंसिपल को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उन्होंने लिखित आदेश निकालकर इस पर तत्काल रोक लगा दी।

प्रिंसिपल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अगर कोई ऐसा बिना अनुमति के सरस्वती पूजा का आयोजन करता है तो उस पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों कहना है कि प्रिंसिपल अरविंद कुमार अमर को आवेदन देकर सरस्वती पूजा आयोजित करने की माँग की गई थी, लेकिन प्रिंसिपल ने प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति नहीं दी।

वहीं, प्रिंसिपल का कहना है कि छात्रों ने कई बार कॉलेज में सरस्वती पूजा करने की अनुमति माँगी थी, लेकिन सभी को तीनों हॉस्टल में बड़ा फोटो लगाकर पूजा करने के लिए कहा गया। छात्रों ने फोटो लगाने से इनकार कर दिया और हंगामा शुरू कर दिया।

विश्वविद्यालय प्रशासन का साफ कहना है कि जिस किसी को भी सरस्वती पूजा करनी है वो अपने-अपने कमरे में करें। सार्वजनिक रूप से पूजा करने पर आसपास के लोगों से विवाद बढ़ने की आशंका है। इसको देखते हुए परिसर में अनुमति नहीं दी जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फैक्ट चेक’ की आड़ लेकर भारत में ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने की तैयारी कर रहा अमेरिका, 1.67 करोड़ रुपए ‘फूँक’ तैयार कर रहा ‘सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स’...

अमेरिका कथित 'फैक्ट चेकर्स' की फौज को तैयार करने की योजना को चतुराई से 'डिजिटल लिटरेसी' का नाम दे रहा है, लेकिन इनका काम होगा भारत में अमेरिकी नरेटिव को बढ़ावा देना।

मुस्लिम फल विक्रेताओं एवं काँवड़ियों वाले विवाद में ‘थूक’ व ‘हलाल’ के अलावा एक और पहलू: समझिए सच्चर कमिटी की रिपोर्ट और असंगठित क्षेत्र...

काँवड़ियों के पास ये विकल्प क्यों नहीं होना चाहिए, अगर वो सिर्फ हिन्दू विक्रेताओं से ही सामान खरीदना चाहते हैं तो? मुस्लिम भी तो लेते हैं हलाल?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -