Homeदेश-समाजस्टेशन पर 3 भाषा में लिखा था 'चेन्नै फोर्ट', किसी ने कालिख सिर्फ हिंदी...

स्टेशन पर 3 भाषा में लिखा था ‘चेन्नै फोर्ट’, किसी ने कालिख सिर्फ हिंदी पर पोती : तमिलनाडु की घटना, रेलवे पुलिस ने दायर किया मुकदमा

हाल ही में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दही के पैकेट पर हिंदी शब्द दही लिखने के निर्देश दिया था। तब तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने इसका विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया था। वहीं, तमिलनाडु के सरकारी दुग्ध उत्पादन संघ आविन ने कहा था कि वह पैकेट पर हिंदी शब्द दही के बजाय तमिल शब्द तायिर का ही इस्तेमाल करेगा।

दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भाषा के आधार पर लोगों के बीच वैमनस्यता और कटुता बढ़ाने की कोशिश जारी है। तमिलनाडु में हिंदी को लेकर अक्सर विवाद खड़े किए जाते रहे हैं। अब किसी ने चेन्नै फोर्ट रेलवे स्टेशन (Chennai Fort Railway Station) वाले बोर्ड पर हिंदी अक्षरों को काले रंग से पोत दिया है।

शुक्रवार (31 मार्च 2023) को अधिकारियों को स्टेशन का नेमबोर्ड को पोतने की सूचना मिली थी। इसके बाद रेलवे पुलिस मामला दर्ज करके आरोपितों की तलाश कर रही है। बदमाशों ने अंग्रेजी और तमिल नामों को हुए सिर्फ हिंदी में लिखे ‘चेन्नै फोर्ट’ को काले रंग से पोत दिया है।

कुछ यात्रियों ने बताया कि दो लोग थे और दोनों आरोपित नशे में थे। दोनों हिंदी के अक्षरों पर काला रंग से पेंट कर रहे थे। हालाँकि, रेलवे ने कुछ घंटों के बाद चेन्नई फोर्ट रेलवे स्टेशन के हिंदी अक्षरों को नेमबोर्ड पर फिर से लिखवा दिया।

बता दें कि हाल ही में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने दही के पैकेट पर हिंदी शब्द दही लिखने के निर्देश दिया था। तब तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने इसका विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया था। वहीं, तमिलनाडु के सरकारी दुग्ध उत्पादन संघ आविन ने कहा था कि वह पैकेट पर हिंदी शब्द दही के बजाय तमिल शब्द तायिर का ही इस्तेमाल करेगा।

इसका फैसले का BJP की तमिलनाडु इकाई ने भी विरोध किया था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने इस अधिसूचना को वापस लेने की माँग की थी। इसके बाद FSSAI ने अपने निर्देश को वापस ले लिया था और दही के पैकेट पर क्षेत्रीय शब्द के इस्तेमाल की अनुमति दे दी थी।  

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -