Thursday, July 18, 2024
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‘शैतानों की मूर्तियाँ फेंक दो, पूजा-पाठ छोड़ दो’: MP के इस गाँव में 5 साल से चल रहा जनजातीय समाज के ईसाई धर्मांतरण का खेल, पादरी सहित 3 गिरफ्तार

आरोप है कि केकड़िया गाँव में धर्मांतरण का यह खेल करीब 5 साल से चल रहा है। हालाँकि अब मामला सामने आने के बाद पुलिस यह पता करने में जुटी हुई है कि अब तक कितने लोग धर्मांतरण का शिकार हुए हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया। ईसाई मजहब से जुड़े लोग जनजातीय महिलाओं व भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कर रहे थे। साथ ही, हिंदू धर्म के खिलाफ गलत बातें भी कर रहे थे। फिलहाल पुलिस ने ईसाई पादरी समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना रविवार (5 फरवरी, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला भोपाल के रातीबड़ इलाके से सटे केकड़िया गाँव का है। जहाँ गाँव के ही एक घर में जनजातीय वर्ग के करीब 40 लोगों को एकजुट कर धर्मांतरण कराया जा रहा था। गाँव के सरपंच ने हिंदू टाइगर फोर्स के सदस्यों को इसकी सूचना दी थी। सूचना के आधार पर गाँव पहुँचे हिंदू टाइगर फोर्स के सदस्यों ने धर्मांतरण की इस गतिविधि का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया।

हिंदू टाइगर फोर्स के प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह तोमर ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ईसाई पादरी हीरालाल जामोद के घर पर लंबे समय से जनजातीय वर्ग के लोगों को इकट्ठा किया जा रहा था। वहाँ धर्मांतरण कराने के उद्देश्य से हिंदू धर्म के खिलाफ लोगों को भड़काया जाता है।

उन्होंने यह भी कहा है कि जब वह पादरी के घर पहुँचे तब वहाँ 40 से अधिक लोग मौजूद थे। सभी ईसाई मजहब की प्रार्थना कर रहे थे। यही नहीं, हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की जा रही थीं। साथ ही, हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने और शैतानों की मूर्ति फेंककर पूजा-पाठ करना छोड़ने की बात की जा रही थी।

आरोप है कि केकड़िया गाँव में धर्मांतरण का यह खेल करीब 5 साल से चल रहा है। हालाँकि अब मामला सामने आने के बाद पुलिस यह पता करने में जुटी हुई है कि अब तक कितने लोग धर्मांतरण का शिकार हुए हैं। साथ ही इसके लिए फंडिंग कहाँ से आती थी, इसकी भी जाँच की जा रही है।

गाँव के सरपंच डालचंद बंजारा ने कहा है कि मुख्य आरोपित ईसाई पादरी हीरालाल जामोद द्वारा धर्मांतरण कराए जाने की शिकायत 5 साल पहले भी हुई थी। यह शिकायत गाँव वालों ने ही की थी। हालाँकि, तब उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब आरोपितों के पास ईसाई मजहब से जुड़े साहित्य भी बरामद हुए हैं।

इस पूरे मामले में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्रुतकीर्ति सूर्यवंशी ने कहा है कि धर्मांतरण के लिए जनजातीय महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा था। पुलिस ने मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2019 के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें, हीरालाल जामोद, गब्बर सिंह और हेम सिंह को आरोपित बनाया गया है। आरोपित गिरफ्तार हो गए हैं। संदिग्धों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कहा जा रहा है कि गाँव के रास्ते में करीब 2 किलोमीटर पहले एक बोर्ड लगा हुआ है। इस बोर्ड में लव जिहाद और धर्मांतरण कराने वालों का प्रवेश वर्जित की बात कही गई है। इस बोर्ड में हिंदू धर्म और देवी देवताओं के खिलाफ गलत बयानबाजी वर्जित किए जाने की बात भी लिखी हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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