Thursday, July 18, 2024
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हेट स्पीच केस में सुदर्शन टीवी के संपादक सुरेश चव्हाणके के खिलाफ कोर्ट ने पुलिस से माँगा एक्शन रिपोर्ट, उमर खालिद के अब्बू ने दायर की है याचिका

इस मसले पर सुनवाई के लिए साकेत कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह ने सुनवाई के लिए 15 मार्च 2022 की तारीख तय कर रखी है।

सुदर्शन टीवी के एडिटर इन चीफ सुरेश चव्हाणके कथित हेट स्पीच के मामले में मुश्किलों में घिर गए हैं। गुरुवार (27 जनवरी 2022) दिल्ली की साकेत कोर्ट ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में एक कार्यक्रम में साम्प्रदायिक रूप से विभाजनकारी भाषण देने के मामले में सुरेश चव्हाणके के खिलाफ दायर एक याचिका पर पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) माँगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मसले पर सुनवाई के लिए साकेत कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह ने सुनवाई के लिए 15 मार्च 2022 की तारीख तय कर रखी है। उल्लेखनीय है कि चव्हाणके के खिलाफ यह याचिका वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ सैयद कासिम रसूल इलियास ने एडवोकेट तारा नरूला, तमन्ना पंकज और प्रिया वत्स के जरिए दायर की है। इसमें उन्होंने सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत केस दर्ज करने की माँग की है।

खास बात ये है कि जिस रसूल इलियास ने ये याचिका दायर की है, उसका बेटा जेएनयू का पूर्व छात्र उमर खालिद दिल्ली दंगों के मामले में UAPA एक्ट के तहत आरोपित है और न्यायिक हिरासत में हैं। एक सत्र अदालत उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही है।

क्या हैं चव्हाणके पर आरोप

इलियास द्वारा दायर याचिका में सुरेश चव्हाणके पर ये आरोप लगाया गया है कि आवेदन में 19 दिसंबर 2021 को गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन पर हिंदू युवा वाहिनी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के लिए लोगों के एक समूह को ‘मरने और मारने’ के लिए ‘शपथ’ दिलाते हुए देखा गया था।

याचिका में चव्हाणके के खिलाफ भाषण देने और साम्प्रदायिक, विभाजनकारी, आग लगाने वाले और घृणास्पद भाषण देने वाले बयान देने के लिए प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की गई। इसमें यह कहा गया है कि इस तरह के भाषणों से कुछ समुदायों में तनाव की स्थिति उत्पन्न होगी, जिससे हिंसा भड़केगी। याचिका में इस ओर अदालत का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई है कि चव्हाणके का बयान भारत को एक हिंदू राष्ट्र (हिंदू राष्ट्र) बनाने के लिए अल्पसंख्यकों के खिलाफ बल प्रयोग से हिंसा का खतरा पैदा हो गया है।

याचिका में दावा किया गया है कि 19 दिसंबर की घटना के बाद चव्हाणके ने ‘एक ही सपना हिंदू राष्ट्र’ ट्वीट किया था, जो देश के संविधान के मूल मूल्यों, धर्मनिरपेक्षता, समानता और बंधुत्व पर सीधा हमला है और धर्म के नाम पर दुश्मनी पैदा करने के इरादे से किए गए हैं। इलियास ने माँग की है कि मौजूदा मामले में किसी भी तरह की प्रारंभिक जाँच के चव्हाणके के खिलाफ कार्रवाई की जाए, क्योंकि उनके भाषण और ट्वीट पहले से ही पब्लिक डोमेन में हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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