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ISIS को आतंकी न कहा जाए: सुप्रीम कोर्ट में याचिका, दायर करने वाला खुद है आतंकवादी, मुंबई बम धमाकों का है दोषी

मुंबई बम विस्फोटों सजा भोग चुका ISIS का भारत सरगना साकिब नाचन साल 1991 से ही आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उस पर अफगान में जिहाद के दौरान मुजाहिद्दीनों के साथ लड़ने और भारतीय मुस्लिमों को पाकिस्तान में आतंकवादी प्रशिक्षण के लिए भेजने का भी आरोप है। इसके बाद वह SIMI में शामिल हो गया था।

मुंबई में साल 2002-3 के सीरियल बम विस्फोटों के सूत्रधार साकिब नाचन ने कुख्यात आतंकी संगठन ISIS (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) को आतंकी संगठन घोषित करने के खिलाने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ISIS का भारत प्रमुख रहा नाचन ने इस्लामिक स्टेट और अन्य समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित करने वाली सरकारी अधिसूचना को रद्द करने की माँग की है।

सु्प्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सूर्यकांत और उज्जल भुयान की पीठ ने उसकी याचिका पर सुनवाई की। तिहाड़ जेल में बंद नाचन कोर्ट में वर्चुअली उपस्थित हुआ। पीठ ने कहा, “हमने आपको पहले भी सलाह दी थी कि आप एमिकस क्यूरी (न्यायमित्र) के जरिए अपनी बात रखिए। आप सुनवाई में मौजूद रह सकते हैं और जहाँ जरूरी लगे, वहाँ बोल भी सकते हैं।”

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने देश में संचालित ISIS के मॉड्यूल का खुलासा किया था। इस मामले में जाँच एजेंसी ने साकिब नाचन सहित कई लोगों को गिरफ्तार करते हुए नाचन को मुख्य आरोपित बनाया था। नाचन देश में ISIS के मॉड्यूल का संचालन करता था और युवाओं को इसमें शामिल होने के लिए बहकाता था और ISIS के प्रति निष्ठा की कसम खिलाता था।

आरोपितों ने महाराष्ट्र के ठाणे के एक गाँव को ‘अल शाम’ यानी इस्लामिक शासन वाला आजाद क्षेत्र घोषित कर दिया था। ये भारत में शरिया के तहत इस्लाम का शासन स्थापित और आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। NIA ने नाचन के अलावा हसीब जुबेर मुल्ला, काशिफ अब्दुल सत्तार बालेरे, सैफ अतीक नचन, रेहान अशफाक सुस, शगफ साफीक दिवकर, फिरोज दास्तगीर कुआरी को पकड़ा था।

ISIS का इंडिया प्रमुख बनने से पहले साकित प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI)‘ का पदाधिकारी था। वह मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन विले पार्ले और मुलुंड बम धमाकों के मामलों में सजायाफ्ता रह चुका है। यह सजा उसे साल 2016 में सुनाई गई थी। वह दो साल से भी कम समय तक जेल में रहा। उसे जेल में अनुशासित रहने के कारण नवंबर 2017 में रिहा कर दिया गया।

जेल से बाहर आते ही वह एक बार फिर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ गया। उसे भारत मॉड्यूल का मुखिया बनाया गया था। नाचन साल 1991 से ही आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उस पर अफगान में जिहाद के दौरान मुजाहिद्दीनों के साथ लड़ने और भारतीय मुस्लिमों को पाकिस्तान में आतंकवादी प्रशिक्षण के लिए भेजने का भी आरोप है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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