Monday, July 22, 2024
Homeदेश-समाज'इस्लाम से बाहर जाने का रास्ता खुला है': सबरीमाला मंदिर में आरिफ मोहम्मद खान...

‘इस्लाम से बाहर जाने का रास्ता खुला है’: सबरीमाला मंदिर में आरिफ मोहम्मद खान ने किया दर्शन, भड़के सुन्नी नेता ने याद दिलाया शरिया

"यह एक निर्विवाद तथ्य है कि यदि कोई इस्लाम के मूल सिद्धांतों पर सवाल उठाता है, तो वह धर्म से बाहर हो जाएगा।"

सुन्नी नेता अब्दुल हमीद फैजी अंबालाक्कदावु ने सबरीमाला मंदिर जाने के लिए केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर हमला करते हुए कहा कि इस्लाम से बाहर जाने का रास्ता खुला हुआ है।

केरल के राज्यपाल की सबरीमाला यात्रा पर मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए अंबालाक्कदावु ने कहा कि आरिफ मोहम्मद आरिफ खान ने सभी अनुष्ठानों का पालन किया था जो एक धर्मनिष्ठ हिंदू करते हैं। सुन्नी नेता ने कहा, “प्रिय दोस्तों, हमने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को हाल ही में सबरीमाला मंदिर में पूजा करते हुए देखा। हमने उन्हें सभी रस्मों को सच्चे रूप में करते हुए और इस तरह से उन्होंने इस्लाम से बाहर जाने का रास्ता खोल दिया है।”

“राज्यपाल के नाम से यह धारणा बनेगी कि वह आस्था से मुसलमान हैं। उसके पास पैगंबर मुहम्मद का नाम है और आरिफ वह शब्द है जो उस व्यक्ति को संदर्भित करता है जो अल्लाह को बहुत करीब से जानता है।” अंबालाक्कदावु ने कहा, हिजाब पर राज्यपाल की टिप्पणी को किसी मुस्लिम द्वारा की गई टिप्पणी के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

विशेष रूप से, केरल के राज्यपाल ने कर्नाटक में हिजाब समर्थक आंदोलन के खिलाफ मुखर होकर कहा था कि अगर ‘हिजाब के अधिकार’ के तर्क को स्वीकार कर लिया जाता है तो मुस्लिम महिलाएँ हार जाएँगी। इसके अलावा, उन्होंने निहित स्वार्थों के लिए हिजाब मुद्दे का फायदा उठाने के लिए कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को भी लताड़ा था

आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ हमले को जारी रखते हुए, सुन्नी नेता ने आगे कहा कि राज्यपाल इस्लाम का उपहास कर रहे हैं कि यह उन्हें भाजपा में नए स्थान दिलाएगा। सुन्नी नेता ने कहा, “इस्लाम में एक शर्त है कि अगर कोई मुसलमान दूसरे धर्मों के पूजा स्थल पर जाता है, उनके रीति-रिवाजों का पालन करता है और उनकी तरह कपड़े पहनते हैं तो वह इस्लाम से बाहर हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यह एक निर्विवाद तथ्य है कि यदि कोई इस्लाम के मूल सिद्धांतों पर सवाल उठाता है, तो वह धर्म से बाहर हो जाएगा। मैं यह नहीं कह रहा हूँ कि आरिफ मोहम्मद खान गैर-मुस्लिम या काफिर बन गए हैं। फतवे जारी करना धार्मिक विद्वानों पर निर्भर है। मैं केवल शरिया कानूनों की बात कर रहा हूँ।”

अंबालाक्कदावु ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि हिजाब और शरीयत के बारे में बोलने वाले खान इस्लामी विद्वान हैं या नहीं। उन्होंने अपने कामों से इस्लाम के बाहर जाने का काम किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आम सैनिकों जैसी ड्यूटी, सेम वर्दी, भारतीय सेना में शामिल हो चुके हैं 1 लाख अग्निवीर: आरक्षण और नौकरी भी

भारतीय सेना में शामिल अग्निवीरों की संख्या 1 लाख के पार हो गई है, 50 हजार अग्निवीरों की भर्ती की जा रही है।

भारत के ओलंपिक खिलाड़ियों को मिला BCCI का साथ, जय शाह ने किया ₹8.50 करोड़ मदद का ऐलान: पेरिस में पदकों का रिकॉर्ड तोड़ने...

बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने बताया कि ओलंपिक अभियान के लिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) को बीसीसीआई 8.5 करोड़ रुपए दे रही है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -