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बंगाल की खाड़ी में 3.4 किलोमीटर नीचे दफन था भारतीय वायुसेना का विमान, 2016 में हो गया था गायब: 22 लोग थे सवार

साल 2016 में खोए भारतीय वायुसेना के विमान का पता चल गया है। इस विमान ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक मिशन के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन बाद में गायब हो गया था। सालों-साल चली खोज के बाद आखिरकार विमान का मलवा मिल गया है। परेशानी की बात ये है कि विमान का मलवा समुद्र में बहुत नीचे है।

साल 2016 में खोए भारतीय वायुसेना के विमान का पता चल गया है। इस विमान ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक मिशन के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन बाद में गायब हो गया था। सालों-साल चली खोज के बाद आखिरकार विमान का मलवा मिल गया है। परेशानी की बात ये है कि विमान का मलवा समुद्र में बहुत नीचे है। ये मलबा चेन्नई तट से लगभग 310 किलोमीटर दूर 3.4 किलोमीटर की गहराई में मिला है। ऐसे में उसे कैसे निकाला जाए, इसको लेकर मंथन हो रहा है।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी करके इस विमान के मिलने की पुष्टि की। रक्षा मंत्रालय ने बताया, “भारतीय वायुसेना का एक एएन-32 विमान (पंजीकरण के-2743) 22 जुलाई 2016 को एक ऑपरेशन मिशन के दौरान बंगाल की खाड़ी के ऊपर से लापता हो गया था। इस विमान में 29 कर्मी सवार थे। विमान और जहाजों द्वारा बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन मलबे का पता नहीं लग पाया था।”

रक्षा मंत्रालय ने आगे बताया, “पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तत्वावधान में कार्य करने वाले राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान ने लापता एएन-32 विमान के अंतिम ज्ञात स्थान पर हाल ही में गहरे समुद्र में अन्वेषण क्षमता के साथ एक ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (एयूवी) तैनात किया था। यह खोज मल्टी-बीम सोनार (साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग), सिंथेटिक एपर्चर सोनार और हाई रिज़ॉल्यूशन फोटोग्राफी सहित कई पेलोड का उपयोग करके 3400 मीटर की गहराई पर की गई। खोज के दौरान प्राप्‍त तस्‍वीरों के विश्लेषण से चेन्नई तट से लगभग 140 समुद्री मील (लगभग 310 किमी) दूर समुद्र तल पर एक दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे की उपस्थिति का संकेत मिला।”

बयान में आगे कहा गया, “खोज के दौरान प्राप्‍त तस्‍वीरों की जाँच की गई और उन्हें एएन-32 विमान के अनुरूप पाया गया। संभावित दुर्घटना स्थल पर इतिहास में किसी अन्‍य विमान के लापता होने के बारे में कोई जानकारी के नहीं होने के कारण मलबे को संभवतः दुर्घटनाग्रस्त भारतीय वायुसेना का एएन-32 विमान (के-2743) से संबंधित होने की ओर इशारा करता है।”

कैसा है एएन-32 विमान ?

भारतीय वायुसेना में एनएन-32 विमानों का बड़ा जत्था है। 100 से भी ज्यादा की संख्या में एएन-32 विमानों का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना करती है। ये काफी पुराने हो चुके हैं और सरकार इन्हें बदलने में लगी हुई है। इस बीच, 35 विमानों की ओवरहॉलिंग भी की गई है। एएन-32 विमान डबल इंजन के मीडियम रेंज के ट्रांसपोर्ट विमान हैं, जो कम समय में सैनिकों समेत अन्य सामाग्रियों को एक जगह से दूसरे जगह पर पहुँचाते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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