Friday, July 19, 2024
Homeदेश-समाजPM मोदी की माँ की सेहत में सुधार, अस्पताल ने बयान जारी कर बताया:...

PM मोदी की माँ की सेहत में सुधार, अस्पताल ने बयान जारी कर बताया: साँस लेने में तकलीफ के बाद हीराबेन को कराया गया था भर्ती

सोमभाई मोदी ने कहा था कि उनकी माँ की सेहत में सुधार हो रहा है। उन्होंने सुबह में अस्पताल की तरफ से दिया गया तरल आहार ग्रहण किया था। साथ ही संकेत कर बैठाने के लिए कहा था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माँ हीराबेन की हालत में सुधार हो रहा है। अस्पताल ने प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी है। इसके पहले प्रधानमंत्री के बड़े भाई सोमभाई मोदी ने भी माँ की हालत में सुधार की जानकारी दी थी।

प्रधानमंत्री की माँ हीराबेन को साँस लेने में परेशानी के बाद बुधवार (28 दिसंबर, 2022) की सुबह अहमदाबाद के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अस्पताल में अपनी माँ को देखने के लिए पहुँचे थे। उन्होंने डॉक्टरों से मुलाकात कर माँ की सेहत के बारे में जानकारी हासिल की थी। वहीं गुरुवार को अस्पताल की तरफ से जारी एक लाइन की प्रेस नोट में हालत में सुधार होने की बात कही गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमभाई मोदी ने कहा था कि उनकी माँ की सेहत में सुधार हो रहा है। उन्होंने सुबह में अस्पताल की तरफ से दिया गया तरल आहार ग्रहण किया था। साथ ही संकेत कर बैठाने के लिए कहा था। सोमभाई ने बताया था कि कुछ जरूरी जाँच के बाद अस्पताल डिस्चार्ज संबंधी निर्णय लेगा।

इस बीच गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल भी प्रधानमंत्री की माँ का हाल चाल जानने गुरुवार को अस्पताल पहुँचे। उन्होंने इलाज कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात की और उनकी सेहत का हाल जाना। बुधवार को भी हीराबेन को अस्पताल में दाखिल कराए जाने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत गुजरात भाजपा के कई नेता और विधायक अस्पताल पहुँचे थे।

हीराबेन मोदी गुजरात की राजधानी गाँधीनगर में अपने सबसे छोटे बेटे पंकज मोदी के साथ रायसेन स्थित वृन्दावन बँगला-2 में रहती हैं। 18 जून, 1923 को जन्मीं हीराबेन मोदी ने इसी वर्ष अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश किया है। उनको अस्पताल में दाखिल किए जाने से एक दिन पहले कर्नाटक से पीएम मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी के कारण एक्सीडेंट की खबर आई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पुरी के जगन्नाथ मंदिर का 46 साल बाद खुला रत्न भंडार: 7 अलमारी-संदूकों में भरे मिले सोने-चाँदी, जानिए कहाँ से आए इतने रत्न एवं...

ओडिशा के पुरी स्थित महाप्रभु जगन्नाथ मंदिर के भीतरी रत्न भंडार में रखा खजाना गुरुवार (18 जुलाई) को महाराजा गजपति की निगरानी में निकाल गया।

1 साल में बढ़े 80 हजार वोटर, जिनमें 70 हजार का मजहब ‘इस्लाम’, क्या याद है आपको मंगलदोई? डेमोग्राफी चेंज के खिलाफ असम के...

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तथ्यों को आधार बनाते हुए चिंता जाहिर की है कि राज्य 2044 नहीं तो 2051 तक मुस्लिम बहुल हो जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -