Tuesday, July 16, 2024
Homeदेश-समाजऑपइंडिया का असर: पुणे के हिंदू इलाके में बनने जा रहा था कब्रिस्तान, विरोध...

ऑपइंडिया का असर: पुणे के हिंदू इलाके में बनने जा रहा था कब्रिस्तान, विरोध के बाद आदेश कैंसिल

पाटिल ने कहा, "हमें खुशी है कि फैसला वापस ले लिया गया है। हम मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि हमारा स्वास्थ्य और हमारे बच्चे सुरक्षित रहें। अगर वहाँ हिंदू कब्रिस्तान बनाने का अनुरोध होता तो भी हम इसी तरह विरोध करते।"

पुणे के कोंधावा मे हिंदू बहुल इलाके में सरकारी प्लॉट को कब्रिस्तान नहीं बनाया जाएगा। पुणे नगर निगम ने कब्रिस्तान बनाने के प्रस्ताव को कैंसिल कर दिया है। ये आदेश ऑपइंडिया द्वारा इस मुद्दे के उठाने के कुछ महीने बाद आया।

रिपोर्ट में हमने इलाके के लोगों का पक्ष रखा था और उनकी चिंता को बताया था कि जहाँ कब्रिस्तान बनाने की बात हो रही है वहाँ पास में उनका मंदिर है। लोगों का कहना था कि अगर ऐसा हुआ तो इससे धार्मिक भावनाएँ आहत हो सकती हैं।

इस संबंध में एनसीपी के पूर्व विधायक चेतन तुपे और बीजेपी नेता योगेश टिलेकर ने मई 2023 में पुणे नगर निगम (पीएमसी) को एक पत्र लिखा था। पत्र में हिंदू सोसायटीज के पास स्थित इस जमीन को कब्रिस्तान के लिए मुफीद बताया था। इसमें कहा गया था कि कोंढवा में मुस्लिमों की अच्छी-खासी आबादी है। करीब में कब्रिस्तान होना उनके लिए सहूलियत भरा होगा।

हालाँकि, बाद में भाजपा योगेश तिलेकर से जब ऑपइंडिया ने बात की और स्थानीयों की चिंता को उठाया, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इलाके को लेकर गलत जानकारी दी गई थी कि वो मुस्लिम बहुल है। बाद में पता चला कि उस इलाके में तो 12-15 हजार हिंदू रहते हैं। इसकी वजह से उन्हें गलती का एहसास हुआ।

हिंदू इलाके में नहीं बनेगा कब्रिस्तान, PMC परमिशन कैंसिल

इसके बाद उन्होंने कब्रिस्तान न बनने देने का आश्वासन दिया और अक्टूबर 2023 में पीएमसी से गुहार लगाई कि हिंदू इलाके में कब्रिस्तान के लिए कोई परमिशन न दी जाए। अब इसी मामले में 28 दिसंबर 2023 को बताया गया कि जिस जगह को अभी जॉगिंग ट्रैक की तरह प्रयोग किया जाता है। उसे कब्रिस्तान नहीं बनाया जाएगा। जो परमिशन मिली थी उसे कैंसिल कर दिया गया है।

भाजपा नेता द्वारा पीएमसी को लिखा गया पत्र

बता दें कि ये पूरा मामला आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ पारितोष जवारे पाटिल की आरटीआई से खुला था। इसमें उन्होंने रविराज कोलोराडो को-ऑप हाउसिंग सोसायटी की डिटेल्स की जानकारी माँगी थी। इसी दौरान पता चला था कि जमीन को पीएमसी ने वो जमीन प्ले ग्राउंड के लिए दे रखी है जिसमें 43 लाख रुपए खर्च होने के बावजूद वो अब तक ऐसी ही है। इसका निर्माण कार्य सलीम कंस्ट्रक्शन को मिला था, पर जमीन फिर भी खाली रही। बाद में इसे मुस्लिम कब्रिस्तान बनाने का प्रस्ताव रखा गया जिसके बारे में जानकर स्थानीयों ने विरोध किया।

पाटिल ने 2 जनवरी को ऑपइंडिया से बात करते हुए पुष्टि की कि पीएमसी ने अपना निर्णय वापस ले लिया है। पाटिल ने कहा, “हमें खुशी है कि फैसला वापस ले लिया गया है। हम मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि हमारा स्वास्थ्य और हमारे बच्चे सुरक्षित रहें। अगर वहाँ हिंदू कब्रिस्तान बनाने का अनुरोध होता तो भी हम इसी तरह विरोध करते।”

नोट: सिद्धि सोमानी की यह मूल रिपोर्ट अंग्रेजी में प्रकाशित है। आप इसे इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Siddhi Somani
Siddhi Somani
Siddhi Somani is known for her satirical and factual hand in Economic, Social and Political writing. Having completed her post graduation in Journalism, she is pursuing her Masters in Politics. The author meanwhile is also exploring her hand in analytics and statistics. (Twitter- @sidis28)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘जम्मू-कश्मीर की पार्टियों ने वोट के लिए आतंक को दिया बढ़ावा’: DGP ने घाटी के सिविल सोसाइटी में PAK के घुसपैठ की खोली पोल,...

जम्मू कश्मीर के DGP RR स्वेन ने कहा है कि एक राजनीतिक पार्टी ने यहाँ आतंक का नेटवर्क बढ़ाया और उनके आका तैयार किए ताकि उन्हें वोट मिल सकें।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चलती रहेगी आय से अधिक संपत्ति मामले CBI की जाँच: दौलत के 5 साल...

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI जाँच से राहत देने से मना कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -