Homeदेश-समाजभगवान राम, माता जानकी और भ्राता लक्ष्मण की तस्वीर…: संभल में वीर बुंदेला अल्हा-ऊदल...

भगवान राम, माता जानकी और भ्राता लक्ष्मण की तस्वीर…: संभल में वीर बुंदेला अल्हा-ऊदल के गुरु की समाधि के पास मिले 400 सिक्के, अब तक सबसे बड़ा कुँआ भी मिला; प्राचीन धरोहरों की खोज जारी

संभल के एक इलाके में पुराने समय के सिक्के और बर्तन भी मिले हैं। यह सभी सिक्के अमरपति खेड़ा की समाधि के पास मिली है। अमरपति खेड़ा सम्राट पृथ्वीराज चौहान के समकालीन थे। वह आल्हा ऊदल के गुरु भी बताए जाते हैं। उनकी समाधि के पास पहले भी खुदाई में कई सिक्के वगैरह मिलते रहे हैं।

संभल में लगातार तीर्थ और कुएँ मिलने का सिलसिला जारी है। संभल के ही एक मुहल्ले में अब तक का सबसे बड़ा कुआँ हाल ही में मिला है। प्रशासन ने इसकी खुदाई करवाई है। एक और ऐतिहासिक स्थल पर राम दरबार वाले सिक्के तथा पुराने बर्तन भी मिले हैं। प्रशासन संभल के 87 तीर्थ में से 41 को ढूँढने में सफल रहा है। उसने प्राचीन सभी 19 कुएँ भी ढूँढ लिए हैं।

संभल के सरायतरीन में अब तक सबसे बड़ा कुआँ मिला है। यह कुआँ जामा मस्जिद से 50 मीटर ही दूर स्थित है। इसे स्थानीय लोगों ने पाट दिया था। यह जिस मोहल्ले में स्थित है, उसे दरबार कहते हैं। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यहाँ टोंक के नवाब का दरबार लगता था।

इस कुएँ का निरीक्षण डीएम-एसडीएम ने किया था। इसके बाद प्रशासन ने इस पर खुदाई चालू कर दी। कुएँ को पूरा खोदने के बाद यह अच्छी अवस्था मिला है। डीएम ने कहा है कि यह दर्शनीय है। यह कुआँ लगभग 70 फीट गहरा है।

यह उन्हीं 19 कुओं का हिस्सा है, जो संभल में स्थित हैं। लोगों ने यह शिकायत की थी कि इस कुएँ को दबंगों ने पाटा था और इस पर होने वाली पूजा भी रुक गई थी। हालाँकि, अब इसका पुराना स्वरुप लौटा दिया गया है। इसका निरीक्षण ASI की एक टीम ने भी किया है।

संभल के एक और इलाके में पुराने समय के सिक्के और बर्तन भी मिले हैं। यह सभी सिक्के अमरपति खेड़ा की समाधि के पास मिली है। अमरपति खेड़ा सम्राट पृथ्वीराज चौहान के समकालीन थे। वह आल्हा ऊदल के गुरु भी बताए जाते हैं। उनकी समाधि के पास पहले भी खुदाई में कई सिक्के वगैरह मिलते रहे हैं।

इन सिक्कों को प्रशासन ने अपने संरक्षण में ले लिया है। सिक्कों की संख्या 300-400 है। इन पर भगवान राम और माता सीता की आकृति उकेरी है। इन पर लक्ष्मण की आकृति भी उकेरी है। इसके अलावा कुछ और भी डिजाइन वाले सिक्के सामने आए हैं। इनकी धातु क्या है, यह स्पष्ट नहीं हुआ है।

संभल में प्रशासन के प्रयास से 87 तीर्थ में से 41 तीर्थ ढूंढ निकाले गए हैं। इसके अलावा सभी 19 कूप भी ढूंढ कर खोदे गए हैं। इन सभ तीर्थों और कूपों के जीर्णोद्धार का काम भी चल रहा है। कई ऐसी जगह हैं, जहाँ ASI ने सर्वे किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -