Homeदेश-समाजबंगाल में कितने संदेशखाली? खुद को झुपखाली का 'राजा' समझता है शेख शाहजहाँ का...

बंगाल में कितने संदेशखाली? खुद को झुपखाली का ‘राजा’ समझता है शेख शाहजहाँ का भाई सिराजुद्दीन, लोग बोले- वो हमें मार डालेंगे, NHRC टीम पीड़िताओं से मिलने पहुँची

धमाखाली के पास द्वीप के दूसरी ओर स्थित एक गाँव- झुपखाली- में भी महिलाओं ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि शेख के भाई सिराजुद्दीन ने उनसे उनकी जमीनें हड़प ली हैं।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना स्थित संदेशखाली में महिलाओं के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार (23 फरवरी 2024) को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की टीम संदेशखाली पहुँची। ये टीम पीड़ित महिलाओं से मुलाकात करने गई है। इस बीच पता चला है कि धमाखाली के पास द्वीप के दूसरी ओ एक गाँव- झुपखाली नाम का गाँव स्थित है। वहाँ भी महिलाओं ने गुरुवार (22 फरवरी 2024) को विरोध प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि शेख के भाई सिराजुद्दीन उर्फ राजा ने उनसे उनकी जमीनें हड़प ली हैं और उन्हें प्रताड़ित करता है। इन्हीं अत्यातारों से तंग आकर ग्रामीणों ने गुस्से में उसका विरोध किया और झोपड़ी में आग लगाकर रोष प्रकट किया।

ग्रामीणों के अनुसार, संदेशखाली के विभिन्न कोनों में शेख के ताकतवर लोग हैं। संदेशखाली में यह शिबू प्रसाद हाजरा और उत्तम सरदार हैं, तो झुपखाली में यह सिराजुद्दीन हैं। झुपखाली के स्थानीय लोगों के अनुसार, सिराजुद्दीन गाँव में अपने स्थान पर अपना ‘राज’ चलाता है और किसी की नहीं सुनी जाती।

सड़कों पर उतरी महिला प्रदर्शकारियों ने कहा, “शेख के लोगों ने उनकी जमीनें बीघा की बीघा ले ली हैं। बिना कोई कीमत चुकाए वो जमीनें उनकी हो चुकी हैं। हम कुछ कहते हैं तो वो हमारे पतियों पर हमला कर देते हैं। इलाके में सिराजुद्दीन से लोग इतने प्रताड़ित हैं कि एक आदमी तो डीआईजी के आगे घुटने पर आकर रोने भी लगा कि सिराज और उसके आदमी उन्हें बहुत प्रताड़ित करते हैं। वो हमें मार डालेंगे। प्लीज कुछ करिए।”

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीयों ने बताया कि सिराज और उसके लोग स्थानीयों को दहशत में रखते हैं। जो उन्हें जमीन नहीं देता उन्हें परेशान किया जाता है। एक आदमी के अनुसार, उसकी दुकान में तीन बार आग लगाने की कोशिश हुई सिर्फ इसलिए क्योंकि उसने अपनी जमीन देने से मना कर दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

IIT से इंजीनियरिंग, विदेशी कंपनियों में काम, RSS से पुराना जुड़ाव… जानें कौन हैं जगदीश आफले, जिन्हें राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सचिव किया...

राम मंदिर में चंदा चोरी विवाद को लेकर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद जगदीश आफले को पहला सचिव नियुक्त किया गया।

‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाएगी BJP, जालंधर से वाराणसी के बीच निकलेगी भव्य यात्रा: जानिए पंजाब-UP चुनाव में रविदासिया समुदाय को कैसे साध रही भारतीय...

बीजेपी का 'समरसता संकल्प अभियान' (सामाजिक समरसता और संकल्प के लिए अभियान) 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक लगभग सात महीनों तक चलेगा।
- विज्ञापन -