Homeदेश-समाज'नवरात्रि पर खुली मिली मीट की दुकान तो चलेगा बुलडोजर' : UP में पहली...

‘नवरात्रि पर खुली मिली मीट की दुकान तो चलेगा बुलडोजर’ : UP में पहली बार ऐसा लिखित आदेश जारी, गाजियाबाद में 9 दिन तक माँस बेचने पर लगी रोक

1 अप्रैल 2022 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी सभी नॉनवेज दुकानों को बंद कराते हुए चेतावनी भी दी कि अगर आदेश के बाद भी दुकानें खुलीं तो उन पर बुलडोजर चलवा दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Nagar Nigam) ने नवरात्रि (Navratri) के त्योहार को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने क्षेत्र में 9 दिनों तक यानि 10 अप्रैल तक के लिए मीट बेचने (Meat Selling Ban) पर रोक लगा दी है। इस दौरान मंदिरों की साफ-सफाई करने के आदेश भी दिए गए हैं। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही नियमों का पालन कराने के लिए एस्कॉर्ट टीम भी गठित की गई है।

शनिवार (2 अप्रैल 2022) से नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो रहा है। इसी को देखते हुए निगम ने ये फैसला लिया है। निगम द्वारा गठित की गई एस्कॉर्ट टीम तमाम इलाकों का दौरा कर मीट की दुकानों को बंद कराएगी। इसका पालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

गौरतलब है कि इसको लेकर गाजियाबाद जिले की महापौर आशा शर्मा ने शुक्रवार (1 अप्रैल 2022) को नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने 2 अप्रैल से 10 अप्रैल तक शहर के सभी मंदिरों की साफ सफाई और प्रकाश की व्यवस्था का निर्देश दिया। फिर क्या महापौर के लिखित निर्देश मिलते ही स्वास्थ्य अधिकारी सभी सफाई और खाद्य निरीक्षकों को पत्र लिखकर आदेश का पालन करने को कह दिया।

महापौर आशा शर्मा का पत्र

बताया जाता है कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब निगम की तरफ से लिखित में नवरात्रि पर सभी तरह की मीट और नॉनवेज दुकानों को 9 दिनों तक के लिए बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। इससे पहले मौखिक तौर पर आदेश दिए जाते थे। इस बीच शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा ने सभी नॉनवेज दुकानों को बंद कराते हुए चेतावनी भी दी कि अगर आदेश के बाद भी दुकानें खुलीं तो उन पर बुलडोजर चलवा दिया जाएगा। साथ ही लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा। खाद्य विभाग के एडिशनल कमिश्नर विनीत कुमार ने कहा है कि नवरात्रि पर्व के दौरान मानकों का पालन नहीं करने पर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। निरीक्षण के लिए 6 टीमें बनाई गई हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -