Tuesday, April 20, 2021
Home देश-समाज UP पुलिस की गाड़ी में बैठने से साफ मुकर गया हाथरस में दंगे भड़काने...

UP पुलिस की गाड़ी में बैठने से साफ मुकर गया हाथरस में दंगे भड़काने की साजिश रचने वाला PFI सदस्य रऊफ शरीफ

STF की टीम रऊफ को मेडिकल करवाने के लिए ले जा रही थी, लेकिन जैसे ही टीम ने उसे गाड़ी में बैठने की कोशिश की उसने तुरंत बैठने से मना कर दिया और गाड़ी से नहीं जाने की जिद्द पर अड़ गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस की जीप में बैठना अपराधियों के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश पुलिस का बदमाशों और अपराधियों में खौफ इस कदर कायम है कि हाथरस कांड की आड़ में दंगे भड़काने की साजिश रचने वाले पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की छात्र विंग कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया(CFI) के महासचिव रऊफ शरीफ ने मेडिकल जाँच कराने के लिए ले जा रही STF टीम से गाड़ी में बैठने से साफ मना कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, STF की टीम पाँच दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद आरोपित रऊफ को मेडिकल करवाने के लिए ले जा रही थी, लेकिन जैसे ही टीम ने उसे गाड़ी में बैठने की कोशिश की उसने तुरंत बैठने से मना कर दिया और गाड़ी से नहीं जाने की जिद्द पर अड़ गया।

बता दें, हालही रऊफ शरीफ को एसटीएफ की टीम मथुरा लेकर पहुँची थी। 18 फरवरी को एडीजे प्रथम कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद एसटीएफ की टीम ने आरोपी को पाँच दिन की पुलिस अभिरक्षा में रखा था। 5 दिन बाद यानी मंगलवार को रउफ की कोर्ट में पेशी थी। जिसके लिए एसटीएफ को उसका मेडिकल जाँच करवाना था। फिर क्या, जैसे ही सोमवार की रात पुलिस ने उसे गाड़ी में बैठाया वह फौरन उतर गया, और पुलिस की गाड़ी से नहीं जाने पर तूल गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, काफी समझने बुझाने और कड़ी मशक्कत के बाद रउफ ने पुलिस की बात मानी और सरकारी अस्पताल जाने के लिए सरकारी पुलिस की गाड़ी में बैठने से माना। जिसके बाद अगले दिन सुबह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय प्रथम अनिल कुमार पांडेय की अदालत पेश किया गया। जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल में डाल दिया गया।

पुलिस ने हाथरस के बहुचर्चित किशोरी हत्याकांड को लेकर सांप्रदायिकता फैलाने के आरोप में गिरफ्तार रउफ से की गई 5 दिन की पूछताछ में कई अहम जानकारियाँ हासिल की है। आरोपित की निशादेही पर एसटीएफ ने राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर भड़काऊ पोस्टर और पर्चे बरामद किए हैं। संगठन के नेटवर्क के संबंध में भी एसटीएफ को कई अहम जानकारी एसटीएफ के हाथ लगी हैं। उसने प्रदेश में सक्रिय संगठन के सदस्यों के नाम भी बताए हैं। एसटीएफ मामले में आगे की जाँच में जुटी हैं।

गौरतलब है कि रउफ को केरल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। उस पर यूपी के हाथरस में दंगे की साजिश रचने और विदेशी फंडिंग जुटाने का आरोप है। यूपी में CAA और NRC के दौरान भड़के दंगों में भी उसकी भूमिका संदिग्ध रही है।

हाथरस मामले में जमकर हो रही राजनीति के दौरान मथुरा जाते समय PFI के चार सदस्य सिद्दीक कप्पन, अतीकुर्रहमान, आलम और मसूद को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद यह खुलासा हुआ कि उनकी हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश थी। साथ ही रऊफ शरीफ का नाम सामने आया था। इसके बाद यूपी पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन किया था।

हाथरस मामले में जाँच कर रही पुलिस को पता चला था कि दंगे भड़काने के लिए PFI के सदस्य कप्पन और उसके साथियों को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी रऊफ शरीफ व पी.कोया द्वारा फंडिंग की गई थी। आरोपितों को 1.36 करोड़ रुपए ओमान व कतर में बैठे पीएफआइ सदस्यों के जरिये रउफ तक पहुँचाई गई थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘पूर्ण लॉकडाउन हल नहीं, जान के साथ आजीविका बचाने की भी जरुरत’: SC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

इलाहाबाद कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज रोक लगा दी। इस मामले में योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए अपनी अपील में कहा था कि हाईकोर्ट को ऐसे फैसले लेने का अधिकार नहीं है।

आपके शहर में कब और कितना कहर बरपाएगा कोरोना, कब दम तोड़ेगी संक्रमण की दूसरी लहर: जानें सब कुछ

आप कहॉं रहते हैं? मुंबई, दिल्ली या चेन्नई में। या फिर बिहार, यूपी, झारखंड या किसी अन्य राज्य में। हर जगह का हाल और आने वाले कल का अनुमान।

क्या राजनीतिक हिंसा के दंश से बंगाल को मिलेगी मुक्ति, दशकों पुराना है विरोधियों की लाश गिराने का चलन

पश्चिम बंगाल में चुनाव समाप्ति की ओर बढ़ रहे हैं। इस दौरान हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई है। क्या नतीजों के बाद दशकों पुराना राजनीतिक हिंसा का दौर थमेगा?

काशी की 400 साल पुरानी परंपरा: बाबा मसाननाथ मंदिर में मोक्ष की आकांक्षा में धधकती चिताओं के बीच नृत्य करती हैं नगरवधुएँ

काशी की महाशिवरात्रि, रंगभरी एकादशी, चिता भस्म की होली के बाद एक और ऐसी प्राचीन परंपरा जो अपने आप में अनूठी है वह है मणिकर्णिका घाट महाश्मशान में बाबा मसाननाथ के दर पर नगरवधुओं का नृत्य।

सुबह का ‘प्रोपेगेंडाबाज’ शाम को ‘पलटी मारे’ तो उसे शेखर गुप्ता कहते हैं: कोरोना वैक्सीन में ‘दाल-भात मूसलचंद’ का क्या काम

स्वदेशी वैक्सीन पर दिन-रात अफवाह फैलाने वाले आज पूछ रहे हैं कि सब को वैक्सीन पहले क्यों नहीं दिया? क्या कोरोना वॉरियर्स और बुजुर्गों को प्राथमिकता देना 'भूल' थी?

बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से होएः दिल्ली में CM केजरीवाल के ‘मैं हूॅं ना’ पर मजदूरों की बेबस भीड़ क्यों भारी

केजरीवाल ने मज़दूरों से अपील करते हुए 'मैं हूॅं ना' के शाहरुख़ खान स्टाइल में कहा: सरकार आपका पूरा ख़याल रखेगी। फिर भी वही भीड़ क्यों?

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।

‘मैं इसे किस करूँगी, हाथ लगा कर दिखा’: मास्क के लिए टोका तो पुलिस पर भड़की महिला, खुद को बताया SI की बेटी-UPSC टॉपर

महिला ने धमकी देते हुए कहा कि उसका बाप पुलिस में SI के पद पर है। साथ ही दिल्ली पुलिस को 'भिखमंगा' कह कर सम्बोधित किया।

‘F@#k Bhakts!… तुम्हारे पापा और अक्षय कुमार सुंदर सा मंदिर बनवा रहे हैं’: कोरोना पर घृणा की कॉमेडी, जानलेवा दवाई की काटी पर्ची

"Fuck Bhakts! इस परिस्थिति के लिए सीधे वही जिम्मेदार हैं। मैं अब भी देख रहा हूँ कि उनमें से अधिकतर अभी भी उनका (पीएम मोदी) बचाव कर रहे हैं।"

पुलिस अधिकारियों को अगवा कर मस्जिद में ले गए, DSP को किया टॉर्चरः सरकार से मोलभाव के बाद पाकिस्तान में छोड़े गए बंधक

पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार के साथ मोलभाव के बाद प्रतिबंधित इस्लामी संगठन TLP ने अगवा किए गए 11 पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,222FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe