Homeराजनीतिबिहार में वोटों की गिनती शुरू होते ही रुझानों में आगे निकली NDA, नीतीश...

बिहार में वोटों की गिनती शुरू होते ही रुझानों में आगे निकली NDA, नीतीश का दिख रहा है जलवा: जानिए अब तक महागठबंधन का क्या है हाल

निर्वाचन आयोग ने सभी 243 सीटों पर मतगणना 08:00 बजे से प्रारंभ करने की जानकारी दी, जिसके बाद से शुरुआती रुझानों में मीडिया (खबर लिखने तक) एनडीए की बढ़त दिखा रहा है। वहीं महागठबंधन भी ज्यादा पीछे नहीं है। किसी भी पार्टी को जीतने के लिए 122 सीट जीतनी जरूरी होगी।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुरू हो चुकी है। निर्वाचन आयोग ने सभी 243 सीटों पर मतगणना 08:00 बजे से प्रारंभ करने की जानकारी दी। शुरुआती रुझानों में मीडिया लगातार एनडीए की बढ़त दिखा रहा है।

सबसे अच्छा प्रदर्शन अब तक जेडीयू का है। 182 सीटों पर रुझान दिख रहे हैं तो जेडीयू के पास 51-52 सीट बताई जा रही हैं। वहीं महागठबंधन फिलहाल के लिए रेस में आधे से ज्यादा मार्जिन से पीछे है। उनके हिस्से करीबन 61+ सीटें आ रही है। किसी भी दल को राज्य में जीतने के लिए 122 सीट जीतनी जरूरी होगी। इसके करीब अभी एनडीए ही है।

बता दें कि ECI की प्रक्रिया के अनुसार, मतगणना के क्रम में पहले डाक मत-पत्रों की गिनती हो रही है, उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के मतों की गिनती की जाएगी।

राज्य के 40+ मतगणना केंद्रों में कुल 4,372 गिनती टेबल लगाई गई हैं और लगभग 18,000 एजेंट्स तथा रिटर्निंग अधिकारियों को नियुक्त किया गया है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से हो सके। मतगणना के दौरान पूरे राज्य में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी की गई है। सीआरपीएफ और राज्य पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की व्यवधान की स्थिति न बने।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -