फडणवीस ने सौंपा इस्तीफा, कहा- मुझे दुख है कि शिवसेना के पास कॉन्ग्रेस और NCP से बात करने का समय

शिवसेना ने ऐसा फैसला किया है जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी बात ही नहीं की। इसके लिए मैंने उद्धव ठाकरे को फोन किया था, लेकिन वो मेरी कॉल नहीं उठा रहे। मुझे दुख हैं कि हमसे बात करने की जगह उनके पास कॉन्ग्रेस और एनसीपी से बात करने का समय है।

महाराष्ट्र के पिछले विधानसभा कार्यकाल का समय समाप्त होने के साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री रहे देवेंन्द्र फडणवीस ने आज (नवंबर 8, 2019) राजभवन में जाकर राज्यपाल भगत सिंह कोशयारी से मिलकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

उन्होंने अपना इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बात की और जानकारी दी कि वे अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप चुके हैं। आगे पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “5 साल महाराष्ट्र की सेवा करने का मौका मिला इसके लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा का आभारी हूँ।”

फडणवीस ने इस दौरान पिछले कार्यकाल में भाजपा की सहयोगी पार्टी रही शिवसेना का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “आपको महसूस हुआ या नहीं, मैं नहीं जानता लेकिन, मैं हमारे मित्र शिवसेना का भी आभारी हूँ।”

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इसके अलावा शिवसेना द्वारा 50-50 वाले कॉन्सेप्ट पर भी फडणवीस ने साफ मना किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने ऐसा फैसला किया है जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी बात ही नहीं की। इसके लिए मैंने उद्धव ठाकरे को फोन किया था, लेकिन वो मेरी कॉल नहीं उठा रहे। मुझे दुख हैं कि हमसे बात करने की जगह उनके पास कॉन्ग्रेस और एनसीपी से बात करने का समय है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, मुमकिन हैं कि शिवसेना ऐसे समय में कॉन्ग्रेस-एनसीपी के साथ सरकार बनाने का फैसला लें।

शिवसेना पर इस दौरान निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना ने उनसे बातचीत करने के बजाए मीडिया का सहारा लिया, मीडिया पर बयान देने से सरकार नहीं बनती।

उन्होंने परिणाम आने के बाद आए उद्धव ठाकरे के बयान को भी दुर्भाग्यपूर्ण कहा। उन्होंने लिखा कि उनके पास सरकार बनाने के लिए बहुत विकल्प खुले हैं। ये हमारे लिए हैरान करने वाला था क्योंकि लोगों ने अपना मत गठबंधन को दिया था। इसलिए ये बड़ा सवाल है कि उन्होंने क्यों कहा कि उनके लिए सरकार बनाने के लिए बहुत विकल्प हैं।

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