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‘पार्टी के अंदरूनी मामलों पर बाहर न बोलें एक भी शब्द’: राजस्थान में मचे बवाल पर कॉन्ग्रेस ने अपने नेताओं को दी चेतावनी, कहा- बात न सुनी तो कार्रवाई करेंगे

एडवाइजरी में लिखा है, "हमने नोटिस किया है कि राजस्थान में कॉन्ग्रेस नेता पार्टी के आंतरिक मामलों और अन्य नेताओं के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे नेताओं को सलाह दी जाती है कि वो सार्वजनिक रूप से पार्टी के बारे में और पार्टी के आंतरिक मामलों पर बयान देने से बचें।"

राजस्थान की राजनीति में चल रही हलचल के बीच कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने सभी नेताओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी के मुताबिक कॉन्ग्रेस के हर नेता को पार्टी के किसी भी नेता के खिलाफ या पार्टी के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से मना कर दिया गया है। पार्टी ने कहा है कि अगर कोई नेता ऐसा करना पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त एक्शन लिया जाएगा।

ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी की एडवाइजरी में लिखा है, “हमने नोटिस किया है कि राजस्थान में कॉन्ग्रेस नेता पार्टी के आंतरिक मामलों और अन्य नेताओं के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे नेताओं को सलाह दी जाती है कि वो सार्वजनिक रूप से पार्टी के बारे में और पार्टी के आंतरिक मामलों पर बयान देने से बचें।”

इस एडवाइजरी में लिखा है कि अगर कोई इस एडवाइजरी का उल्लंघन करता पाया गया तो फिर कॉन्ग्रेस के संविधान के मुताबिक उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि एक ओर कॉन्ग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के जरिए राहुल गाँधी देश में पार्टी की पैठ दोबारा से बनाने की कोशिश कर रहे हैं और दूसरी ओर राजस्थान में पैदा हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। आज सीएम गहलोत ने इसी बाबत सोनिया गाँधी से मुलाकात करके पिछले दिनों जो कुछ हुआ उसके लिए माफी माँगी थी। उन्होंने पत्र में कहा था कि जो कुछ भी वो बेहद दुखद है।

बता दें कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद चुनावों में सीएम गहलोत का नाम प्रमुखता से उठने के बीच राज्य की कमान सचिन पायलट को सौंपने की तैयारियाँ की जा रही थी। लेकिन गहलोत गुट इससे नाराज हो गया और 90 से ज्यादा विधायकों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए। इसके बाद बागी विधायकों के रवैये को अनुशासनहीनता बताया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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