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पूर्व चुनाव आयुक्त का नाम ही है वोटर लिस्ट से गायब, कल देना है वोट

भारत के पूर्व चुनाव आयुक्त जीवीजी कृष्णमूर्ति कौशांबी के मलयगिरी टावर में बीते 27 वर्षों से रह रहे हैं। बीते 8 सालों से विधानसभा चुनाव हो या फिर नगर निगम के चुनाव हर बार जीवीजी कृष्णमूर्ति का नाम वोटर लिस्ट से गायब रहता है।

कल यानी बृहस्पतिवार को देश में आम चुनावों का पहला चरण का मतदान होना है। मतदान के लिए चुनाव आयोग काफी समय पहले से तैयारी शुरु कर देता है, जिनमें वोटर लिस्ट तैयार की जाती है और आवश्यक भूल-चूक में सुधार किया जाता है। गाजियाबाद के कौशांबी में इस मामले में बड़ी चूक देखने को मिली है। मामला यह है कि कौशांबी में रहने वाले पूर्व चुनाव आयुक्त का नाम ही वोटर लिस्ट से गायब है।

भारत के पूर्व चुनाव आयुक्त जीवीजी कृष्णमूर्ति कौशांबी के मलयगिरी टावर में बीते 27 वर्षों से रह रहे हैं। NBT की एक खबर के अनुसार, बीते 8 सालों से विधानसभा चुनाव हो या फिर नगर निगम के चुनाव हर बार जीवीजी कृष्णमूर्ति का नाम वोटर लिस्ट से गायब रहता है।

इस बात की शिकायत के बाद कृष्णमूर्ति का नाम वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाता था। लेकिन इस बार इस गलती में सुधार होने की संभावना कम नजर आ रही है। आम चुनाव से सिर्फ 2 दिन पहले इस इलाके की वोटर लिस्ट जारी की गई है। ऐसे में इतने कम समय में गलती में सुधार हो पाना अब मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन काम नजर आ रहा है। प्रशासन द्वारा एक BLO को पूर्व चुनाव आयुक्त के घर भेजा गया है। जीवीजी कृष्णमूर्ति इन दिनों बीमार चल रहे हैं।

अन्य लोगों के नाम भी हैं लिस्ट से गायब

कौशांबी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि इलाके के 60% लोगों का नाम या तो वोटर लिस्ट से गायब है या फिर उनमें कोई गड़बड़ी है। कौशांबी में करीब 9800 मतदाता हैं, जिनमें से 4500 के नाम वोटर लिस्ट में या तो गलत हैं या फिर काटे गए हैं। मंगलवार (अप्रैल 09, 2019) को जारी वोटर लिस्ट में इस गलती का पता चला है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मिलकर इसकी शिकायत की।

वोटर लिस्ट में इस गड़बड़ी पर कौशांबी के पार्षद मनोज गोयल ने जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी जताई है। उन्होंने बताया कि उनकी शिकायत पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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