Monday, July 22, 2024
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महाराष्ट्र की NCP के बाद अब जदयू और सपा की बारी? राजभर और चिराग ने की भविष्यवाणी, कुमारस्वामी बोले – कर्नाटक में भी होगा कोई अजित पवार

उन्होंने कहा कि गठबंधन में मायावती, कॉन्ग्रेस और जयंत सिंह - सब होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस भी मायावती को अपने मोर्चे में लेना चाहती है, टूट के जिम्मेदार अखिलेश यादव होंगे जिन्होंने मायावती को गठबंधन में नहीं लिया।

महाराष्ट्र में NCP में फूट पड़ गई है। पार्टी संस्थापक शरद पवार के भतीजे अजित नेता प्रतिपक्ष से उप-मुख्यमंत्री बन गए। कुल 9 NCP विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद अन्य राज्यों में भी इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कर्नाटक से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश में भी नेताओं ने इस प्रकरण पर टिप्पणियाँ की हैं। उधर शरद पवार शक्ति प्रदर्शन में लगे हुए हैं। उन्होंने भाजपा पर जाति-धर्म की राजनीति कर समाज को बाँटने का आरोप मढ़ दिया और कहा कि वो नए सिरे से पार्टी को शुरू करेंगे।

राजनीतिक संगठन SSSB (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि महाराष्ट्र मत देखिए, यूपी को भी देखिए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कई सांसद-विधायक दल छोड़ कर सरकार के विस्तार में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग शपथ लेते भी दिखेंगे, जबकि कई लोकसभा के टिकट के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जुगाड़ बिठा रहे हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की कि यूपी में भी महाराष्ट्र वाला ही खेल होगा।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “जो रवैया रहा है अखिलेश यादव का, उससे उनके नेता नाराज हैं। इन नेताओं को लगता है कि यहाँ उनका भविष्य नहीं है। मुस्लिम कई खेमों में बँट गए हैं, कई भाजपा के भी साथ हैं। जब सपा की सरकार थी, तब किसी मुस्लिम को डिप्टी CM तक नहीं बनाया गया। क्या सिर्फ भाजपा का डर दिखा कर वोट माँगेंगे? नौकरी बाँटने समय मुस्लिमों को नजरअंदाज किया गया। कई सपा विधायक मेरे से भी संपर्क में हैं।”

उन्होंने इस दौरान विपक्षी दलों पर बसपा सुप्रीमो मायावती को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में हुए सर्वे में भी बसपा को गेमचेंजर बताया गया है। उन्होंने कहा कि 13 प्रांतों में मायावती का जनाधार है और मायावती को साथ नहीं जोड़ना भी टूट का एक बड़ा कारण होगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन में मायावती, कॉन्ग्रेस और जयंत सिंह – सब होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस भी मायावती को अपने मोर्चे में लेना चाहती है, टूट के जिम्मेदार अखिलेश यादव होंगे जिन्होंने मायावती को गठबंधन में नहीं लिया।

वहीं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और JDS नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में जो डरावना प्रकरण हुआ है, उसके बाद उन्हें डर है कि कर्नाटक का अजित पवार कौन बन कर उभरेगा। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस की सरकार है और वहाँ भी सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच अनबन की खबरें आती रहती हैं। JDS इससे पहले कॉन्ग्रेस के समर्थन से सरकार चला चुकी है। एचडी कुमारस्वामी फ़िलहाल कॉन्ग्रेस से नाराज चल रहे हैं।

उधर लोजपा (रामविलास) नेता चिराग पासवान ने भी बिहार में महाराष्ट्र जैसा प्रकरण होने की बात कही है। चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार की जदयू के कई सांसद-विधायक उनके साथ संपर्क में हैं। वहीं सुशील मोदी ने भी जल्द जदयू के टूटने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इसी डर से नीतीश कुमार अपने विधायकों-सांसदों से एक-एक कर के मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जदयू नेता कभी भी राहुल गाँधी या तेजस्वी यादव को अपने नेता के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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