Homeराजनीतिजिस कॉन्ग्रेस नेता के नाम में 'परमेश्वर', वे पूछ रहे- हिंदू धर्म का जन्म...

जिस कॉन्ग्रेस नेता के नाम में ‘परमेश्वर’, वे पूछ रहे- हिंदू धर्म का जन्म कब हुआ: अब कर्नाटक के गृहमंत्री के बिगड़े बोल, कहा- भारत में सिर्फ जैन और बौद्ध धर्म का इतिहास

कर्नाटक में भाजपा के संयुक्त प्रदेश प्रवक्ता S पारख ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी हमेशा बहुसंख्यक समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ करती रहती हैं।

अभी तमिलनाडु के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को खत्म किए जाने और इसे डेंगू-मलेरिया बताने जाने के बाद उपजा विवाद अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि कर्नाटक के गृह मंत्री गंगाधरैया परमेश्वर ने हिन्दू धर्म पर निशाना साधा है। कॉन्ग्रेस नेता G परमेश्वर ने हिन्दू धर्म की उत्पत्ति पर सवाल खड़े कर दिए। हुबली में एक सभा के दौरान उन्होंने कहा कि विश्व के इतिहास में कई धर्म उत्पन्न हुए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे जैन एवं बौद्ध धर्म का जन्म भारत में ही हुआ।

वहीं हिन्दू धर्म की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसका कब जन्म हुआ और और किसने इसे शुरू किया, ये अभी भी सवालों के घेरे में है। G परमेश्वर ने कहा कि भारत में जैन और बौद्ध धर्म का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में इस्लाम और ईसाई मजहब बाहर से आया। साथ ही उन्होंने कहा कि मानवता की भलाई ही सभी धर्मों और मजहबों का सार है। इस पर लोगों ने उन्हें जवाब दिया कि हिन्दू धर्म को सनातन इसीलिए कहा गया है क्योंकि इसका कोई उद्भव नहीं है, ये आदिकाल से है।

जी परमेश्वर ने कहा कि हिन्दू धर्म की उत्पत्ति कैसे ही और किसने इसे शुरू क़िया, अभी भी इस सवाल का जवाब तलाशा जाना है। कर्नाटक में भाजपा के संयुक्त प्रदेश प्रवक्ता S पारख ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी हमेशा बहुसंख्यक समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ करती रहती हैं। वहीं VHP के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि ये हैरान करने वाला है कि जिस व्यक्ति के नाम में ‘परमेश्वर’ है, हिन्दू धर्म के मूल पर सवाल उठा रहा है। कॉन्ग्रेस ने आधिकारिक रूप से अब तक उदयनिधि स्टालिन के बयान की भी निंदा नहीं की है।

कर्नाटक के भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री CN अश्वनाथ नारायण ने कहा कि वो स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि ये लोग वामपंथियों के प्रभाव में हैं और हमारे देश भारत में हमारी संस्कृति एवं परंपराओं का विध्वंस करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जी परमेश्वर को याद रखना चाहिए कि इस किस्म का अहंकार इन्हें शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि वो विद्वान हैं, अगर हिम्मत है तो अन्य धर्मों के बारे में बोल कर दिखाएँ। उन्होंने कहा कि अगर G परमेश्वर खुश नहीं हैं तो इस धर्म को छोड़ कर अन्य धर्म में चले जाएँ, किसी ने उन्हें रोका नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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