Homeराजनीति182 सीट, 4.9 करोड़ वोटर, 51000 पोलिंग स्टेशन: 2 चरणों में पूरा होगा गुजरात...

182 सीट, 4.9 करोड़ वोटर, 51000 पोलिंग स्टेशन: 2 चरणों में पूरा होगा गुजरात विधानसभा चुनाव, फर्जी न्यूज फैलाने वालों को ECI ने दी चेतावनी

गुजरात विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करते हुए चुनाव आयुक्त ने बताया है कि ऐसी फेक न्यूज जो शांति को भंग और नतीजों पर फर्क डाल सकती हैं उनपर निगरानी रखने के लिए सोशल मीडिया टीम बनाई गई हैं।

गुजरात में विधानसभा चुनाव इस बार दो चरणों में पूरे होंगे। चुनाव आयोग ने आज (3 नवंबर 2022) तारीखों की घोषणा कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि गुजरात में पहले चरण के चुनाव 1 दिसंबर 2022 को और दूसरे चरण के चुनाव 5 दिसंबर 2022 को होंगे। वहीं वोटों की गिनती 8 दिसंबर को शुरू होगी और 10 दिसंबर तक चुनाव पूरे हो जाएँगे।

चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जानकारी दी कि गुजरात में इस बार 4.9 करोड़ वोटर्स अपना वोट देंगे। इसमें 4.6 लाख नए वोटर होंगे। 51782 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। वहीं दिव्यांगों के लिए 182 और महिलाओं के लिए 1274 स्पेशन पोलिंग स्टेशन बनाए जाएँगे।

चुनाव आयुक्त ने अपील की है कि चुनाव के दौरान जो खबर भी लोगों को फर्जी लगे उसे आगे न बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया है कि ऐसी फेक न्यूज जो शांति को भंग करने वाली और नतीजों पर फर्क डाल सकती हैं उनपर निगरानी रखने के लिए सोशल मीडिया टीम बनाई गई है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों को भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर सवाल उठाए हैं, लेकिन जब वे उन्हीं ईवीएम से चुनाव जीत जाते हैं तो वे चुप हो जाते हैं। परिणाम ईसीआई की निष्पक्षता का सबसे बड़ा प्रमाण हैं।”

उल्लेखनीय है कि गुजरात में 182 विधानसबा सीटों पर चुनाव हो रहा है। पहले चरण में 89 सीटों पर वोट डलेंगे जबकि दूसरे चरण में 93 सीटों पर मतदान होगा। राज्य में पिछले ढाई ढशक से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। लेकिन इस बार अरविंद केजरीवाल पूरी कोशिशों में हैं कि किसी तरह राज्य में अपनी जगह बना सकें। उन्होंने डेट की घोषणा होने के बाद कहा है कि गुजरात की जनता इस बार बड़े बदलाव के लिए तैयार हैं। उनकी पार्टी जरूर जीतेगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -