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…तो अलीगढ़ हो जाएगा हरिगढ़: 1992 में नाम बदलने के कल्याण सिंह की कोशिशों में कॉन्ग्रेस ने डाला था अड़ंगा

पंचायत सदस्यों ने धनीपुर मिनी एयरपोर्ट का नाम पूर्व सीएम कल्याण सिंह पर रखने की माँग भी की। जिले में एक नई चीनी मिल बनवाने का भी प्रस्ताव रखा गया।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले का नाम बदलकर हरिगढ़ किया जा सकता है। इस संबंध में सोमवार (16 अगस्त 2021) को नवगठित जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया। नाम बदलने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा गया है।

गोविंद वल्लभ सभागार के किसान भवन में आयोजित हुई बैठक की अध्यक्षता विजय सिंह ने की। इस दौरान सदस्य केहरी सिंह और उमेश यादव ने अलीगढ़ का नाम बदलने की माँग की। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने भी जिला पंचायत अध्यक्ष को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा पंचायत सदस्यों ने धनीपुर मिनी एयरपोर्ट का नाम पूर्व सीएम कल्याण सिंह पर रखने की माँग भी की। जिले में एक नई चीनी मिल बनवाने का भी प्रस्ताव रखा गया। साथ ही स्वर्गीय राजा बलवंत सिंह के नाम से एक द्वार का निर्माण करने का भी प्रस्ताव सदन में लाया गया। इस दौरान केवल तीन मिनट के भीतर अध्यक्ष ने सात प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, अलीगढ़ जिले का नाम बदलकर हरिगढ़ रखने का मुद्दा नया नहीं है। इससे पहले 1992 में पूर्व सीएम कल्याण सिंह ने भी ऐसी ही कोशिश की थी, लेकिन उस दौरान केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार होने के कारण ऐसा नहीं हो सका। इसके अलावा साल 2015 में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने हरिगढ़ नाम रखने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था।

इससे पहले अक्टूबर 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया था। इसका पुराना नाम प्रयागराज ही था। सीएम योगी ने प्रयागराज नाम रखने का समर्थन करते हुए कहा था कि जहाँ दो नदियों का संगम होता है, उसे प्रयाग कहा जाता है। उत्तराखंड में भी ऐसे कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग स्थित है। इसके अलावा फैजाबाद का भी नाम बदला गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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