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जो था ‘दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी’, उसकी कब्र पर इज्जत देने जुटी भीड़… बम ब्लास्ट में मारे गए 103, गंभीर घायलों से बढ़ सकता है मौत का आँकड़ा

विस्फोट बैगों में रिमोट कंट्रोल के जरिए किया गया। ये विस्फोट इतने खतरनाक थे कि लोगों की लाशें तक जमीन पर टुकड़ों में बिखर गई।

ईरान के केरमन शहर में बुधवार (3 जनवरी 2024) को जनरल कासिम सुलेमानी की कब्र के पास दो जोरदार बम धमाके हुए। इसमें 103 लोगों की मौत हो गई। वहीं 171 लोग घायल हो गए। ये धमाके जनरल सुलेमानी की हत्या की चौथी बरसी पर आयोजित एक समारोह के दौरान हुए। ईरान में जनरल कासिम सुलेमानी को अयातुल्लाह ख़ोमैनी के बाद मुल्क का सबसे प्रभावी नेता माना जाता था।

103 लोगों की मौत से ईरान में डर और शोक का माहौल है। ईरान के डिप्टी गर्वनर ने इस घटना को आतंकवादी हमला कहा है। ईरान के राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा संगठन के प्रवक्ता बाबाक येक्टा परास्ट के मुताबिक, इन विस्फोटों में लोगों की मौतों की संख्या में इजाफा होने की आशंका है।

मीडिया रिपोर्ट के हवाले से जानकारी मिली है कि कई घायलों की हालत बेहद गंभीर है। जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी सर्विस के जरिए हेलीकॉप्टर से मरीजों को करमान से राजधानी तेहरान के अस्पतालों में ले जाने की पूरी तैयारी है।

अधिकारियों के मुताबिक ये विस्फोट बैगों में रिमोट कंट्रोल के जरिए किए गए। ये विस्फोट इतने खतरनाक थे कि लोगों की लाशें तक जमीन पर टुकड़ों में बिखर गई। ईरान के सरकारी मीडिया में विस्फोटों के बाद के वीडियो और तस्वीरों से यह स्पष्ट है कि धमाका बहुत जोर का था।

इन वीडियो में सायरन बजते हुए दिख रहे हैं। घायलों की चीख-पुकार के दृश्य हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। जमीन पर गिरते हुए खून से लथपथ कई लोग चिल्लाते दिख रहे, “हमारी मदद करो। हर कोई मारा गया है।”

बताते चलें कि ईरान का पूर्व जनरल रहा कासिम सुलेमानी 3 जनवरी 2020 के दिन बगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था। 3 जनवरी 2024 को उसकी मौत के चार साल हुए। उसी की याद में जब उसकी कब्र के पास लोग जमा थे, तो ये दोनों धमाके किए गए।

जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद तब अमेरिका के राष्ट्रपति रहे डोनाल्ड ट्रंप ने इसे सबसे बड़ी जीत करार देते हुए उसे दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी कहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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