Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयफ्रांसीसी राष्ट्रपति को पार्सल में भेजी गई 'जिंदा इंसान' की अंगुलियाँ: पुलिस ने जाँच...

फ्रांसीसी राष्ट्रपति को पार्सल में भेजी गई ‘जिंदा इंसान’ की अंगुलियाँ: पुलिस ने जाँच के लिए पैकेट नाश्ते वाले फ्रिज में रखा, अधिकारी देखकर हैरान

इससे पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपतियों को धमकी देने के लिए गोली भी भेजी जाती रही हैं। यह पहली बार है, जब कटा हुआ मानव अंग भेजा गया है। यह पार्सल ऐसे समय में भेजा गया है, जब नाहेल नाम के एक 17 वर्षीय आप्रवासी परिवार के लड़के की मौत के बाद देश भर में दंगे हो गए थे। दंगाइयों ने शहरों को लूटना और आग लगाना शुरू कर दिया था।

बेस्टिल डे परेड से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emanuel Macron) को जिंदा व्यक्ति की कटी हुई अंगुली डाक के जरिए भेजी गई हैं। अंगुली वाला पार्सल पेरिस के एलिसी पैलेस (राष्ट्रपति भवन) में सोमवार (10 जुलाई 2023) पहुँचा। बता दें कि पिछले दिनों फ्रांस दंगों की भीषण चपेट में आ गया था। इस दौरान दंगाइयों ने देश भर में जमकर हिंसा की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, जब अंगुली वाला पार्सल आया तो पुलिस ने उसे फ्रिज में रख दिया, ताकि खराब ना हो और इसकी जाँच की जा सके। इसी फ्रिज में पुलिसकर्मी अपना नाश्ता रखे हुए थे। उंगली के साथ कोई किसी तरह का धमकी वाला पत्र नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अंगुली राष्ट्रपति को क्यों भेजी गई है।

राष्ट्रपति कार्यालय के हवाले से मिरर ने बताया कि कटी हुई अंगुली की परीक्षण से पता चला कि यह ‘जीवित इंसान’ की है। इसके बाद उसकी पहचान करके उस व्यक्ति से संपर्क किया गया और उसे पूरी चिकित्सा सहायता दी गई। हालाँकि, मेडिकल गोपनीयता कानून को देखते हुए उस शख्स की पहचान उजागर नहीं की गई है। 

फ्रांस की पुलिस आपदा में पीड़ितों की पहचान के लिए एकीकृत बायोमेट्रिक्स फिंगरप्रिंट स्कैनर का इस्तेमाल करती है। इसके लिए वहाँ डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन स्क्वॉड बना हुआ है। इसके अलावा, लावारिस लाशों की पहचान के लिए पुलिस स्कैनर का प्रयोग करती है।

इससे पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपतियों को धमकी देने के लिए गोली भी भेजी जाती रही हैं। यह पहली बार है, जब कटा हुआ मानव अंग भेजा गया है। यह पार्सल ऐसे समय में भेजा गया है, जब नाहेल नाम के एक 17 वर्षीय आप्रवासी परिवार के लड़के की मौत के बाद देश भर में दंगे हो गए थे। दंगाइयों ने शहरों को लूटना और आग लगाना शुरू कर दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आतंकियों तक आधार पहुँचाने की साजिश किसकी? MP के ‘क्लोन Aadhar मशीन’ मामले ने बढ़ाई चिंता, अन्य राज्यों में भी फर्जी पंजीकरण के नेटवर्क...

मध्य प्रदेश के क्लोन आधार मशीन मामले के बाद जानिए, क्या दूसरे राज्यों में भी आधार पंजीकरण में ऐसी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।

बीमारी के बहाने निशाने पर भारत… BBC ने ’38 परजीवी’ के सहारे 19 साल पुरानी घटना पर किया बदनाम: पढ़ें- कैसे पश्चिमी मीडिया ने...

BBC ने रिपोर्ट में लिखा कि भारत घूमने आई महिला के दिमाग में 38 परजीवी मिले। यह दावा न तो मेडिकल साइंस के हिसाब से सही और न इसमें कोई सच्चाई।
- विज्ञापन -