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भारत ने फिर से शुरू की कनाडा के लिए ई-वीजा सर्विस: G-20 के वर्चुअल सम्मेलन से पहले मोदी सरकार का फैसला, खालिस्तानियों के कारण बिगड़े थे संबंध

इस समिट में कनाडाई पीएम ट्रूडो भी शिरकत कर रहे हैं। भारत की तरफ से कनाडा के लिए ई-वीजा सेवाओं को बहाल करने का कदम दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

भारत ने कनाडा के नागरिकों के लिए बुधवार (22 नवंबर, 2023) को E-Visa (इलेक्ट्रिक वीजा) सर्विस फिर से शुरू कर दी है। दरअसल, भारत ने बीते दो महीनों से ये सेवा बंद कर रखी थी। दरअसल, भारत ने कनाडा के खिलाफ ये कार्रवाई पीएम जस्टिन ट्रूडो के वहाँ की संसद में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत का हाथ होने की बात कहने के बाद लिया था।

कनाडाई पीएम के इस बयान के बाद से ही दोनों देशों के राजनियक रिश्तों में तनाव चल रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हो रहे G-20 के वर्चुअल सम्मेलन के मौके पर ये खबर आना भारत की तरफ से दिया गया एक अच्छा संकेत समझा जा रहा है।

इस समिट में कनाडाई पीएम ट्रूडो भी शिरकत कर रहे हैं। भारत की तरफ से कनाडा के लिए ई-वीजा सेवाओं को बहाल करने का कदम दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

ओटावा ने भारत के इस फैसले को कनाडा के लोगों के लिए अच्छी खबर के तौर पर स्वागत किया है। गौरतलब है कि इससे पहले बीते महीने भारत सरकार ने कनाडा के नागरिकों पर E-Visa पर लगाए एक महीने के प्रतिबंध के बाद कुछ श्रेणियों की वीज़ा सेवाओं को फिर से बहाल किया था। इनमें प्रवेश वीज़ा, बिजनेस वीज़ा, मेडिकल वीज़ा और कॉन्फ्रेंस वीज़ा श्रेणियाँ शामिल थीं।

भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक, कनाडा में 1 लाख 78 हजार 410 NRI रहते हैं और 15 लाख, 10 हजार 645 भारतीय मूल के लोग यानी पीआईओ रहते हैं।

कनाडा के नागरिकों के लिए ई वीजा फिर से बहाल करने से कनाडा की नागरिकता ले चुके भारतीयों के लिए भारत आने में सहूलियत हो जाएगी। इन लोगों को वीजा लेकर ही भारत आने की इजाजत है। कनाडा से भारत आने वाले कनाडाई लोगों के लिए भी ये राहत की खबर हैं।

गौरतलब है कि भारत और कनाडा राजनयिक विवाद जून में शुरू हुआ था। तब ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात हमलावरों ने खालिस्तानी आंतकी हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद ही कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने बगैर किसी सुबूत के संसद में भारत सरकार के एजेंटों और निज्जर की हत्या के बीच संबंध होने का आरोप लगाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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