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मुँह पर कपड़ा बाँधकर तड़पाया, फिर जंगल में कर दी हत्या: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकी हमला, गाँव रक्षा समिति के 2 सदस्यों के शव मिले

आतंकवादियों ने नजीर और कुलदीप का अपहरण करने के बाद पहले उनका मुँह बंद करके उन्हें यातनाएँ दीं, फिर उन्हें मारा। इस घटना की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद संगठन की एक शाखा, कश्मीर टाइगर्स ने ली है। संगठन ने एक पत्र जारी करते हुए कहा कि ये हत्याएँ इस्लाम और कश्मीर की आजादी के नाम पर की गई हैं।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकी हमले की घटना सामने आई है। हमले में दो होमगार्ड्स (ग्राम रक्षा समूह के होमागार्ड्स) की हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान नजीर अहमद और कुलदीप कुमार के रूप में हुई है। वह ओहली कुंतवाड़ा गाँव के निवासी थे।

आतंकियों ने इस घटना को तब अंजाम दिया जब दोनों लोग शाम के समय में मवेशी चराने के लिए जंगल गए थे। इसी दौरान आतंकवादियों ने उन्हें अगवा किया और बाद में उन्हें तड़पाकर उनकी हत्या कर दी।

बताया जा रहा है कि आतंकवादियों ने नजीर और कुलदीप का अपहरण करने के बाद पहले उनका मुँह बंद करके उन्हें यातनाएँ दीं, फिर उन्हें मारा। अभी तक सामने आई जानकारी के अनुसार इस घटना की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद संगठन की एक शाखा, कश्मीर टाइगर्स ने ली है। संगठन ने एक पत्र जारी करते हुए कहा कि ये हत्याएँ इस्लाम और कश्मीर की आजादी के नाम पर की गई हैं।

नजीर और कुलदीप की लाश मिलने के बाद, सुरक्षा बलों ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। पुलिस और सेना ने मिलकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और JKNC अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने इस बर्बरता की निंदा की है। सोशल मीडिया पर भी स्थानीय नेता इस घटना को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं।

बता दें कि पिछले एक महीने से आतंकी लगातार स्थानीय लोगों में डर बसाने के लिए ऐसे हमलों को अंजाम दे रहे हैं। 9 अक्तूबर को अनंतनाग में आतंकियों ने एक भारतीय सेना के जवान का अपहरण करके उनकी हत्या की थी। उस समय भी जवान को जंगल के इलाके में ले जाकर माना गया था

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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