Homeदेश-समाजहिन्दू नेताओं की हत्या की फिराक में थे दिल्ली से गिरफ्तार 2 आतंकी, एक...

हिन्दू नेताओं की हत्या की फिराक में थे दिल्ली से गिरफ्तार 2 आतंकी, एक बेगुनाह हिन्दू की हत्या कर विदेशी आका को भेजा था ‘डेमो’: हल्द्वानी में मिले थे दोनों

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपितों के पास जो 2 हैण्ड ग्रेनेड मिले हैं वो मिलिट्री ग्रेड के बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में नौशाद और जगजीत मिल कर दक्षिणपंथी नेताओं की पहचान कर उन्हें मारने की फिराक में थे।

दिल्ली के भलस्वा डेरी से पकड़े गए आतंकी नौशाद और जगजीत को ले कर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जानकारी के मुताबिक, नौशाद पाकिस्तान बेस आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। वह जगजीत के साथ मिल कर हिन्दू नेताओं की हत्या करने की फिराक में था। इसके लिए नौशाद और जगजीत ने मिल कर तैयारियाँ भी कर ली थीं। अपने विदेश में बैठे आकाओं को यकीन दिलाने के लिए दोनों ने दिसंबर 2022 में एक व्यक्ति की हत्या भी की थी।

दोनों ने यह कत्ल अपने हैंडलर को एक डेमो के तौर पर दिखाया था। दोनों ने जिस व्यक्ति को मारा था वो हिन्दू था, जिसकी इनसे कोई दुश्मनी नहीं थी।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद कुशवाहा ने रविवार (15 जनवरी, 2023) को नौशाद और जगजीत के मंसूबों की जानकारी मीडिया से साझा की। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपितों के पास जो 2 हैण्ड ग्रेनेड मिले हैं वो मिलिट्री ग्रेड के बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में नौशाद और जगजीत मिल कर दक्षिणपंथी नेताओं की पहचान कर उन्हें मारने की फिराक में थे। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपितों को इस काम के लिए विदेश में पैसे भी आए थे। नौशाद को ISI भी ऑपरेट कर रही थी।

एडिशनल CP प्रमोद कुशवाहा के मुताबिक, अभी कई जानकारियाँ सुरक्षा कारणों से साझा नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी से एक बड़ी अनहोनी टल गई है। गिरफ्तार हुए जगजीत जग्गा की इस से पहले पुलिस से मुठभेड़ भी हो चुकी है। नौशाद की मुलाकात जेल में कुछ आतंकियों से हुई थी। इन्हीं आतंकियों ने उसका पाकिस्तानी आकाओं से परिचय करवाया। पुलिस के अनुसार, नौशाद और जगजीत आपस में हल्द्वानी जेल में मिले थे। वहीं से दोनों ने मिल कर काम करने का फैसला किया था।

पुलिस ने उन हिन्दू नेताओं के नाम के खुलासे करने से मना कर दिया जो दोनों के निशाने पर थे। हालाँकि नौशाद और जगजीत द्वारा कत्ल किए गए व्यक्ति की पहचान अभी तक सामने नहीं आई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉकरोच जनता पार्टी: ‘क्रांति’ की रील और लोकतंत्र की रियलिटी

कॉकरोच जनता पार्टी, जेपी-अन्ना हजारे आंदोलन और भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में समझिए कि केवल असंतोष ही पर्याप्त क्यों नहीं होता। भारतीय मतदाता क्या देखते हैं?

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तानी नारे, आतंकी भिंडरावाले को सेना ने इसी दिन 42 साल पहले किया था ढेर: जानें कट्टरपंथी क्यों...

श्री अकाल तख्त साहिब के पास बड़ी संख्या में कट्टरपंथी और समर्थक इकट्ठा हुए, जिन्होंने खालिस्तानी संगठनों और भिंडरावाले के पोस्टर लहराए।
- विज्ञापन -