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मैं ट्विटर पर किए गए अटैक के आधार पर अपने विचार तय नहीं करता: Zoho चीफ ने ‘लिबरल्स’ को दिया करारा जवाब

“मैं ट्विटर पर किए गए अटैक के आधार पर अपने विचार तय नहीं करता। यदि आप उन इवेंट को नापसंद करते हैं जिसमें मैं हिस्सा लेता हूँ, तो कृपया वह करें जो आपका अंतरात्मा कहता है और मैं वही करूँगा जो मेरा अंतरात्मा कहता है। हम अपने काम की वजह से अपनी रोजी रोटी कमाते हैं और हम गुणवत्तापूर्ण काम करते रहेंगे। मैं इन हमलों का जवाब नहीं दूँगा।”

20 फरवरी 2020 को चेन्नई में होने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यक्रम में भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी जोहो के संस्थापक एवं सीईओ श्रीधर वेम्बु और एक्सेंचर के एमडी और चेन्नई ऑपरेशन्स के प्रमुख राम रामचंद्रन के चीफ गेस्ट और गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर शामिल होने की सहमति देने को लेकर सोशल मीडिया पर ‘बुली’ किया गया।

RSS के इसी प्रोग्राम में चीफ गेस्ट हैं जोहो चीफ श्रीधर वेम्बू

बता दें कि इन कॉरपोरेट लीडर्स इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए सहमत होने को लेकर स्वघोषित नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर ‘बुली’ किया गया।

इतना ही नहीं, लोगों ने तो जोहो के उत्पादों का बहिष्कार करने की भी धमकी दी

अब जब दो शीर्ष कॉरपोरेटर लीडर्स को बुली किया जा रहा था, तो भला वो लोग पीछे कैसे रहते, जिनका करियर ही ‘बुली’ करने पर टिका हुआ है। उन्होंने भी इसमें हिस्सा लिया और आरएसएस के प्रोग्राम में शामिल होने को लेकर सवाल उठाए।

हालाँकि, जोहो प्रमुख श्रीधर वेम्बु पर ‘लिबरलों’ द्वारा किए गए इस बुली का कोई असर नहीं पड़ा। वो काफी स्थिर और अविचलित दिखे।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “मैं ट्विटर पर किए गए अटैक के आधार पर अपने विचार तय नहीं करता। यदि आप उन इवेंट को नापसंद करते हैं जिसमें मैं हिस्सा लेता हूँ, तो कृपया वह करें जो आपका अंतरात्मा कहता है और मैं वही करूँगा जो मेरा अंतरात्मा कहता है। हम अपने काम की वजह से अपनी रोजी रोटी कमाते हैं और हम गुणवत्तापूर्ण काम करते रहेंगे। मैं इन हमलों का जवाब नहीं दूँगा।”

इसके बाद ‘लिबरल’ बुलियों ने जोहो के ग्राहकों और कर्मचारियों से कहा कि ‘वे वही करें जो उनका अंतरात्मा कहता है।’’ साथ ही वेम्बू को धमकी भी दी गई कि अगर वे इस लाइन से नहीं हटेंगे, तो उन्हें सोशल बायकॉट का भी सामना करना पड़ेगा।

वैसे यह पहली बार नहीं है जब ‘लिबरलों’ ने आरएसएस द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए लोगों को धमकाया है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी उस समय काफी रोष का सामना करना पड़ा था, जब उन्होंने 2018 में आरएसएस के एक कार्यक्रम में भाग लिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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