ISIS की ओर से उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि 5 अगस्त को वो कुछ बड़ा करें। इसके लिए वो जम्मू कश्मीर में नेताओं या तैनात सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की फिराक में हैं।
आर्टिकल 370 हटने के बाद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पहली जयंती है। इसी दिन के लिए उन्होंने कहा था, एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे।
आकिब ने धमकाया कि कश्मीर का नाम लेकर तू क्या उखाड़ लेगा, तेरी बहन %$# देंगे और पेज को रिपोर्ट करवा के बंद कर देंगे। साथ ही उसने अफजल गुरु को आतंकी कहने पर आपत्ति जताई।
चीनी प्रवक्ता ने कहा था कि पेइचिंग कश्मीर के हालात पर नजर रखे हुए हैं और हमारा रुख इस पर नहीं बदला है। कश्मीर मुद्दे का इतिहास शुरू से ही विवादित रहा है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय तरीके से होना चाहिए।"
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के कुछ प्रावधानों को निष्क्रीय करने और विशेष राज्य का दर्जा समाप्त होने के बाद से घाटी में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए वहाँ के स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर लिया गया था।
"ये किसी परिवार की बनाई पार्टी नहीं है, इसका अध्यक्ष कोई भी इंसान दो कार्यकाल से ज्यादा के लिए नहीं हो सकता। हम पर बहुत सारी जिम्मेदारी है, क्योंकि उम्मीदें और चुनौतियाँ बहुत हैं।"
इस कानून को 1978 में फारूक अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला ने ही राज्य में लागू किया था। इस कानून के तहत किसी भी शख्स को अचानक से हिरासत में लिया जा सकता है और बिनी किसी तरह का मुकदमा चलाए...